Friday, July 10, 2026
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श्रीनगर में ‘लॉन्च पैड’ प्रदर्शनी: महिला उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता का बड़ा मंच, लाखों लोगों तक पहुंचा ब्रांड

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श्रीनगर, 19 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित ‘लॉन्च पैड प्रदर्शनी’ महिला उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता और नए अवसरों का बड़ा मंच बनकर उभरी है। इस प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों ने अपने इनोवेशन, हस्तशिल्प, ऑनलाइन ब्रांड और स्टार्टअप वेंचर्स को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनभागीदारी देखने को मिली, जिससे घाटी में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को नई पहचान और प्रोत्साहन मिला।

महिला उद्यमी फातिमा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ‘लॉन्च पैड’ जैसे मंच बिक्री की गारंटी भले न दें, लेकिन प्रचार की गारंटी जरूर देते हैं। उन्होंने बताया कि उनके ब्रांड ‘सिस्ट्रोलॉजी’ को ‘लॉन्च पैड 3’ से पहचान मिली, जहां उनकी वीडियो लगभग 10 लाख लोगों तक पहुंची। घर से बिजनेस चलाने वाली महिलाओं के लिए यह मंच बेहद फायदेमंद है, क्योंकि यहां आने वाले लोग ब्रांड को पहचानते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे याद भी रखते हैं। इससे ब्रांड को बड़ा एक्सपोजर मिलता है और बिक्री में भी बढ़ोतरी होती है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले महिलाएं सरकारी और निजी नौकरियों पर ज्यादा ध्यान देती थीं, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उनके मुताबिक नौकरी ही सब कुछ नहीं है और युवाओं को अपना काम शुरू करने के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘लॉन्च पैड’ जैसे मंचों पर अपने काम को प्रदर्शित करने से लोगों तक पहुंच बढ़ती है। फातिमा ने बताया कि ‘लॉन्च पैड 1’ और ‘लॉन्च पैड 2’ के दौरान बहुत कम लोगों को इस पहल के बारे में जानकारी थी, लेकिन ‘लॉन्च पैड 3’ को बड़ी सफलता मिली और इसका सीधा असर उनकी बिक्री पर भी पड़ा।

महिला उद्यमी सोलिया ने कहा कि ‘लॉन्च पैड’ महिला उद्यमियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इससे पहले महिलाओं को ऐसा कोई मंच नहीं मिला था, जहां वे अपने उत्पाद और काम को बड़े स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। आज भी कई युवा उद्यमी बिजनेस शुरू करने से डरते हैं और इसी कारण वे निजी नौकरियों की तरफ चले जाते हैं।

एक और महिला सीरत ने कहा कि ऐसे मंचों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और कश्मीर के युवा उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि घाटी लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों और मानसिक आघात से गुजरी है, लेकिन अब ऐसे आयोजन युवाओं को नई दिशा और आत्मविश्वास दे रहे हैं। कश्मीर में बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती है और निजी क्षेत्र की कमी के कारण ऐसे प्लेटफॉर्म युवाओं के लिए बेहद जरूरी हो जाते हैं। सीरत ने आगे कहा कि वह ऑनलाइन कारोबार से जुड़ी हैं और कोविड-19 के दौरान भी उन्होंने अपना काम ऑनलाइन माध्यम से जारी रखा। उन्होंने कहा कि ‘लॉन्च पैड’ ने उनके जैसे उद्यमियों को बुनियादी बढ़ावा दिया है और इससे लोगों तक पहुंच बनाना आसान हुआ है।

युवा उद्यमियों को संदेश देते हुए सीरत ने कहा कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है और किसी भी चुनौती से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक बाधाएं जरूर आती हैं, लेकिन धैर्य और जुनून के साथ आगे बढ़ने पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

–आईएएनएसस

पीएसके/एएस