लखनऊ, 19 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रनायकों और महापुरुषों की निर्माणाधीन प्रतिमाओं को आगामी 15 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के अधिकारियों को मूर्ति निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उनकी प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उप्र राज्य संग्रहालय निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम के समापन के बाद विभागीय समीक्षा बैठक में जयवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2022-23 से अब तक निर्मित और स्वीकृत प्रतिमाओं की वर्षवार रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही निर्माणाधीन सभी प्रतिमाओं के संबंध में कार्यालय आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी किए जाएं।
उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि अब तक कितनी प्रतिमाएं तैयार हो चुकी हैं और उनकी स्थापना के लिए किन जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बैठक में बताया गया कि महाराणा प्रताप की 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही दो प्रतिमाएं तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 12.5 फीट ऊंची प्रतिमाएं तैयार की जा चुकी हैं, जबकि पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा निर्माणाधीन है।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने संग्रहालय परिसर में पाश्चात्य मूर्तिकला वीथिका का लोकार्पण और संग्रहालय की पुरातत्व पत्रिका-2026 का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों में संरक्षित दुर्लभ वस्तुएं देश की समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत की प्रतीक हैं, जिन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
जयवीर सिंह ने कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं के संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। आधुनिक दौर में युवाओं को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि छुट्टियों के दिनों में संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी संस्कृति और इतिहास को करीब से समझ सकें। इस दौरान उन्होंने ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान का भी उल्लेख किया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार संगीता गुप्ता ने ‘आदियोगी शिव : ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगो’ प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए कहा कि इंडिगो का भारतीय इतिहास और महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन ने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया है, जो युवाओं में सांस्कृतिक धरोहरों और संग्रहालयों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संग्रहालयों को शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य संग्रहालय और लोक कला संग्रहालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निबंध, प्रश्नोत्तरी और कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

