ओस्लो, 19 मई (आईएएनएस)। आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर ने मंगलवार को भारत और आइसलैंड के बीच अनोखे भाषा संबंध को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने ‘संबंध’ शब्द के प्रति अपनी विशेष पसंद व्यक्त की। यह वही शब्द है जिसका उपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान नॉर्डिक नेताओं के साथ बातचीत में व्यापक रूप से किया।
आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर ने मंगलवार को कहा कि यह शब्द उन्हें बहुत पसंद है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विचार है जिसकी आज के समय में दुनिया को अधिक जरूरत है। यह टिप्पणी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ ओस्लो में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान की।
फ्रॉस्टाडॉटिर ने कहा, “मुझे शब्द ‘संबंध’ बहुत पसंद है। मैं यहां अन्य भाषाओं की गहराई में नहीं जा रही हूं, लेकिन यह एक विशुद्ध आइसलैंडिक शब्द है और लोग अपनी भाषा के प्रति बहुत समर्पित होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी, यही वह चीज है जिसकी लोगों को जरूरत है, उन्हें आज और अधिक ‘संबंध’ चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कई बार ‘संबंध’ शब्द का उपयोग किया। पीएम मोदी ने कहा था कि कई नॉर्डिक भाषाओं में ‘संबंध’ का अर्थ जुड़ाव, रिश्ते और बंधन होता है और हिंदी में भी इसका वही अर्थ है।
पीएम मोदी ने कहा था, “यह केवल शब्दों की समानता नहीं है, बल्कि हमारे विचारों की निकटता को दर्शाता है। आइए हम अपने बीच हर क्षेत्र में संबंधों को और गहरा करें और भारत-नॉर्डिक साझेदारी को साझा समृद्धि, नवाचार और सतत भविष्य का मॉडल बनाएं।”
फ्रॉस्टाडॉटिर ने जलवायु परिवर्तन को लेकर पीएम मोदी के दृष्टिकोण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का इस मुद्दे पर सकारात्मक और प्रगतिशील दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण संदेश देता है।
उन्होंने कहा, “बहुत से लोग उन बदलावों से डरते हैं जो हमें करने चाहिए, लेकिन यहां हम आशा को बढ़ावा दे रहे हैं और यही संदेश आगे जाना चाहिए।”
तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्डिक देशों के नेताओं ने स्थिरता, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, उभरती तकनीकों और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध भविष्य के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

