देहरादून : उपराष्ट्रपति ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि

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देहरादून, 20 मई (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के बसंत विहार स्थित घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”देहरादून स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी जी के आवास पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें एक असाधारण नेता, एक विशिष्ट सैनिक और एक अनुभवी प्रशासक के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और उसके लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।”

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि कनेक्टिविटी में सुधार और भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मेजर जनरल खंडूरी का योगदान देश के विकास पथ में एक अमिट विरासत बना रहेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”वसंत विहार स्थित प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के आवास पर पहुंचकर उनकी अंतिम यात्रा में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह सहित बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं आम जनमानस के साथ सम्मिलित होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। श्रद्धेय खंडूरी जी मेरे लिए केवल एक वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि अभिभावक, प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक थे। उनका स्नेह, अनुशासन, सरलता, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और कार्यशैली सदैव प्रेरणा देती रहेगी। सार्वजनिक जीवन में उनके द्वारा दिए गए संस्कार, मार्गदर्शन एवं आदर्श मेरे लिए अमूल्य धरोहर हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।”

दूसरे पोस्ट में सीएम धामी ने लिखा, “भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी जी के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धेय खंडूरी जी ने सेना में रहते हुए मां भारती की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रहित और समाज सेवा को अपना ध्येय बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से जनसेवा का मार्ग चुना। उनका अनुशासित जीवन, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में उनकी निर्भीकता, प्रखर नेतृत्व क्षमता और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”