चेन्नई, 20 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की टीवीके सरकार के विस्तार को लेकर बढ़ती अटकलों और सी.वी. षणमुगम के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके के बागी गुट को कैबिनेट में संभावित पद मिलने की खबरों के बीच मंत्री आधव अर्जुन ने बुधवार को पार्टी का रुख स्पष्ट करने की कोशिश की और सत्ताधारी गठबंधन के व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण को भी बताया।
विधानसभा चुनाव के बाद टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और विजय ने 10 मई को नौ मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
पोर्टफोलियो के आवंटन के बाद अब ध्यान सरकार के पहले संभावित कैबिनेट विस्तार पर केंद्रित हो गया है, जिसके इसी सप्ताह होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, चेन्नई पहुंचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री विजय और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। खासकर इस बात पर कि कांग्रेस के कितने प्रतिनिधियों को शामिल किए जाने की संभावना है और क्या गठबंधन के अन्य सहयोगियों को भी जगह दी जाएगी।
चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री अर्जुन ने कहा कि टीवीके व्यापक राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समर्थन करता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विजय समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साझा मंच पर लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने वीसीके नेता थोल. थिरुमावलवन को सरकार में शामिल होने का न्योता दिया है और इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन में कांग्रेस, वामपंथी दलों और आईयूएमएल का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ““राहुल गांधी, थिरुमावलवन और वामपंथी नेता संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हुए हैं। एकता की यह भावना बनी रहनी चाहिए।”
एआईएडीएमके की स्थिति पर बात करते हुए आधव अर्जुन ने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव आया है। उन्होंने तर्क दिया कि एआईएडीएमके के भीतर एक वर्ग पार्टी की दिशा से असंतुष्ट हो गया है और आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है।
विशेष रूप से सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले खेमे का ज़िक्र करते हुए आधव ने कहा कि इस गुट ने यह साफ कर दिया है कि उसका मकसद सत्ता या मंत्री पद हासिल करना नहीं, बल्कि पूर्व नेताओं एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की विरासत की रक्षा करना और पार्टी को फिर से मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि विजय एमजीआर का बहुत सम्मान करते हैं। हम एआईएडीएमके को मित्रता और सद्भावना की नजर से देखते हैं। यह केवल राजनीतिक समर्थन की बात नहीं है, बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात है।” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि सी.वी. शणमुगम जल्द ही अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।

