सूरत, 20 मई (आईएएनएस)। सूरत शहर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान ‘ऑपरेशन रैम्बो’ के तहत 73 लोगों को पकड़ा है। इनमें कई ऐसे आरोपी शामिल हैं, जिन पर हत्या, डकैती और नशे से जुड़े गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
यह अभियान शहर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर शुरू किया था। पुलिस ने शहर में तलवार, चाकू, छुरा जैसे घातक हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान शहर में लागू हथियार प्रतिबंध अधिसूचना को सख्ती से लागू करने और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चलाया गया, जो अवैध हथियार लेकर लोगों में डर और अशांति फैलाते हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ”शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध हथियारों के उपयोग को नियंत्रित करने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ‘ऑपरेशन रैम्बो’ चलाने के निर्देश दिए गए थे।”
इसके बाद एसओजी के डिप्टी पुलिस कमिश्नर राजदीपसिंह नाकुम और पुलिस इंस्पेक्टर ए.एस. सोनारा ने उन थाना क्षेत्रों का डेटा एकत्र किया, जहां हाल ही में हत्या, मारपीट और डकैती जैसे गंभीर अपराध दर्ज हुए थे।
इस विश्लेषण के आधार पर एसओजी इंस्पेक्टर एम.एम. परमार और के.ए. सावलिया के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं और चिन्हित अपराध प्रभावित इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।
टीमों ने लिम्बायत, उधना, चौकबाजार, अठवा, भेस्तान, पूना, महिधरपुरा, गोदादरा, रांदेर, सलाबतपुरा, अडाजन और लालगेट थाना क्षेत्रों में अचानक जांच की।
इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और पहले से आपराधिक मामलों में गिरफ्तार लोगों की जांच की।
अधिकारियों ने बताया कि 72 लोगों को घातक हथियारों के साथ पकड़ा गया, जिनमें चाकू, राम्बो चाकू, छुरा और तलवार शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ पुलिस कमिश्नर की हथियार प्रतिबंध अधिसूचना के उल्लंघन के तहत मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने एक निष्कासित अपराधी को भी पकड़ा और उसके खिलाफ अलग से आदेश उल्लंघन का मामला दर्ज किया, जिससे कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 73 हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए कई लोगों के खिलाफ पहले भी हत्या, दोहरी हत्या, हत्या के प्रयास, मोबाइल छिनैती, चोरी, मारपीट, डकैती, अवैध हथियार, नशा तस्करी और गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि एक आरोपी डिंडोली पुलिस स्टेशन में दर्ज मारपीट के मामले में वांछित था, जबकि एक अन्य आरोपी को गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट और दोहरी हत्या के मामलों में निष्कासित किया गया था।
इस अभियान के दौरान कुल 72 मामले गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135 के तहत दर्ज किए गए।
थाना क्षेत्रों में लिम्बायत में सबसे ज्यादा 14 मामले दर्ज हुए, उसके बाद भेस्तान में 13 और सलाबतपुरा में 11 मामले दर्ज हुए। रांदेर में 9, गोदादरा में 6, चौकबाजार और अठवा में 5-5 मामले दर्ज हुए।
महिधरपुरा और लालगेट में 3-3 मामले, जबकि उधना, पूना और अडाजन में 1-1 मामला दर्ज हुआ।
पुलिस ने कहा कि यह जांच अभियान सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील इलाकों में चलाया गया, जिसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों को रोकना और नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना था।

