केरल केंद्र के सहयोग से 40 करोड़ रुपए की लागत से दो एआई केंद्र स्थापित करेगा

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तिरुवनंतपुरम, 21 मई (आईएएनएस)। केरल ने गुरुवार को खुद को एक राष्ट्रीय एआई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले इंडिया एआई मिशन के साथ साझेदारी में दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एआई-सीओई) स्थापित करने की घोषणा की।

ये दो प्रोजेक्ट कोच्चि में एक बायो-एआई सेंटर और तिरुवनंतपुरम में एक एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मिलकर करीब 40 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करेंगे। उम्मीद है कि ये प्रोजेक्ट केरल में तकनीक आधारित विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाएंगे, जिसमें शोध, स्टार्टअप को बढ़ावा और व्यावसायिक नवाचार पर खास ध्यान दिया जाएगा।

कोच्चि स्थित डिजिटल हब में केरल स्टार्टअप मिशन द्वारा स्थापित किया जाने वाला ‘बायो-एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का उद्देश्य केरल की जैव विविधता, आयुर्वेदिक परंपरा और जीनोमिक्स क्षमताओं को उन्नत एआई तकनीक के साथ जोड़ना है।

कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ‘तेजस्वी’ सुपरकंप्यूटर द्वारा संचालित और केरल जीनोम डेटा सेंटर के सहयोग से, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य चार वर्षों में 48 डीप टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और लगभग 600 प्रत्यक्ष उच्च-मूल्य वाली नौकरियां पैदा करना है।

केंद्र एआई-आधारित दवा खोज, सटीक आयुर्वेद, जीनोमिक्स और केरल के मसाला क्षेत्र के लिए कृषि-तकनीक नवाचार जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के तहत विकसित एआई-आधारित टूल्स से 40,000 से अधिक मसाला किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य पूर्वानुमान विश्लेषण, कीट प्रबंधन और प्रीमियम गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्रणालियों के जरिए उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करना है।

20 करोड़ रुपये की यह परियोजना 40:40:20 के वित्त पोषण मॉडल पर आधारित है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एक उद्योग संघ शामिल हैं।

दूसरा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तिरुवनंतपुरम में डिजिटल यूनिवर्सिटी केरल के तहत स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 10,000 वर्ग फुट की एक विशेष सुविधा बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य एआई अनुसंधान और बाजार में उपयोग होने वाले अनुप्रयोगों के बीच की दूरी को कम करना है।

केंद्र स्टार्टअप्स को व्यावसायीकरण, कौशल विकास और उद्योग सहयोग में सहायता देगा, साथ ही केरल की सामाजिक-आर्थिक जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए एआई समाधानों पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

इस पहल की शुरुआत करते हुए, केरल के आईटी और उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण हैं।

उन्होंने कहा, “केरल न केवल भारत के एआई मिशन में हिस्सा ले रहा है, बल्कि हम इसे आकार देने में भी मदद कर रहे हैं।”