सोना पप्पू से जुड़े कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता में कई ठिकानों पर मारा छापा

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कोलकाता, 22 मई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू से जुड़े कथित जमीन धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया है। शुक्रवार सुबह ईडी के सात जांच अधिकारियों की एक टीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कोलकाता के रॉयड स्ट्रीट पर स्थित होटल पर छापा मारा।

सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी सीधे तौर पर सोना पप्पू जमीन धोखाधड़ी मामले में चल रही जांच से जुड़ी है। इसी क्रम में, ईडी के अधिकारी कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहुल अमीन अली शाह के बालीगंज स्थित आवास पर भी पहुंचे। बताया जाता है कि रुहुल को कोलकाता पुलिस कल्याण बोर्ड के शांतनु बिस्वास का करीबी सहयोगी माना जाता है। ईडी ने शांतनु बिस्वास की बहन के 53 फर्न रोड स्थित आवास पर भी तलाशी ली है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ​​सोना पप्पू के खिलाफ अदालत में कई आरोप दायर किए हैं। सोना पप्पू को एक सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि सोना पप्पू लोगों को धमकाकर उनकी जमीन और संपत्ति कम कीमतों पर हथिया लेता था। सिर्फ सोना पप्पू ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में तीन लोगों के एक गिरोह का भी जिक्र किया है।

एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू बेहाला के कारोबारी जॉय कामदार और कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के लिए काम करता था। वह जमीन सिंडिकेट की अहम जिम्मेदारियां भी संभालता था। एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू पर कई आरोप हैं, जिनमें रंगदारी, धमकी, जमीन पर कब्जा और हथियारों का अवैध कब्जा शामिल है।

जांच एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू के घर पर तलाशी अभियान के दौरान उन्हें एक रिवॉल्वर मिली। यह रिवॉल्वर कारोबारी जॉय कामदार के संगठन के नाम पर खरीदी गई थी। रिवॉल्वर खरीदे जाने के बाद फरवरी में रबींद्र सरोवर पुलिस थाने के अंतर्गत कंकुलिया इलाके में अशांति फैल गई थी।

गौरतलब है कि फरवरी में हुई अशांति के सिलसिले में पप्पू का नाम सामने आया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि दो गुटों के बीच हुई झड़प के पीछे बिस्वजीत का हाथ था और हिंसा तथा तोड़फोड़ के लिए उसके साथी जिम्मेदार थे।