Wednesday, July 15, 2026
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सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और जीरो पोचिंग के लिए प्रतिबद्ध है असम सरकार

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गुवाहाटी, 22 मई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ के अवसर पर, जैव विविधता के संरक्षण, वनों की सुरक्षा और अवैध शिकार को खत्म करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि हम अपने जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और एक ऐसे असम का निर्माण करने के अपने प्रयासों में अडिग हैं, जहां अवैध शिकार पूरी तरह से समाप्त हो।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमारा असम, जो हरे-भरे जंगलों, दुर्लभ वन्यजीवों और अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, वास्तव में प्रकृति का वरदान है। प्रतिष्ठित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लेकर देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों तक और मानस राष्ट्रीय उद्यान से लेकर मागुरी बील तक, हमारी यह धरती जैव विविधता के एक समृद्ध खजाने से घिरी हुई है।”

उन्होंने आगे लिखा, “‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ के इस विशेष अवसर पर हम अपनी जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में और भी अधिक दृढ़ संकल्प के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम अपने जंगलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने और एक ऐसे असम का निर्माण करने के अपने प्रयासों में अडिग हैं, जहां अवैध शिकार पूरी तरह से समाप्त हो।”

गौरतलब है कि असम कई विश्व-मान्यता प्राप्त वन्यजीव आवासों और राष्ट्रीय उद्यानों का घर है, जो एक सींग वाले गैंडे, रॉयल बंगाल टाइगर, जंगली भैंसे, एशियाई हाथी और हुलॉक गिब्बन सहित कई लुप्तप्राय प्रजातियों को आश्रय देता है।

राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में, आरक्षित वन क्षेत्रों और वन्यजीव अभयारण्यों में अतिक्रमण हटाने के अभियानों को तेज किया है। सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को अवैध अतिक्रमण से बचाना है। अधिकारियों ने राष्ट्रीय उद्यानों, विशेष रूप से काजीरंगा में निगरानी और अवैध शिकार-रोधी अभियानों को भी मजबूत किया है, जहां पिछले कुछ वर्षों में गैंडों के अवैध शिकार के मामलों में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।

प्रतिवर्ष 22 मई को मनाया जाने वाला ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस’ दुनिया भर में पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करता है।