Friday, May 22, 2026
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‘नियम सबके लिए समान’, कुर्बानी को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

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कोलकाता, 22 मई (आईएएनएस)। बकरीद से पहले कोलकाता उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।

भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ये टीएमसी के लोग कोर्ट का समय बर्बाद न करें। जो एक्ट पहले से लागू है, उसमें वध को लेकर सभी नियम और कानून हैं। जिन पशुओं की उम्र 14 वर्ष से कम है, उनकी कुर्बानी नहीं की जा सकती। अगर एक्ट की ये बातें समझ नहीं आ रही हैं तो उसको बैठकर पढ़ें।

प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि कोर्ट की ओर से कहा गया कि किसी भी सार्वजनिक जगह, रास्तों-सड़क पर कुर्बानी नहीं दी जा सकती है। जो जगह चिह्नित हैं, वहीं कुर्बानी की जाएगी। रिहायशी इलाकों में भी कुर्बानी नहीं की जा सकती। हुमायूं कबीर को लेकर उन्होंने कहा कि कौन है ये? दो सीट जीत नहीं पाए और मुस्लिम समुदाय का ठेका ले रहे थे। नियम-कानून सबके लिए है। मानेंगे तो ठीक है, नहीं तो जेल भेजा जाएगा।

भाजपा नेता रितेश तिवारी ने कहा कि महुआ मोइत्रा गौ-वध करना चाहती हैं। एक बार लोगों को फिर पता चल गया कि ये लोग कैसे हिंदू हैं? दुर्गा पूजा के वक्त यही लोग आकर ज्ञान भी देते हैं। लोगों ने इनके खिलाफ इतनी भारी संख्या में मतदान किया, फिर भी इन लोगों को समझ में नहीं आ रहा है।

हुमायूं कबीर के बयान पर रितेश तिवारी ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि जो भारत का कानून है, उसको लागू किया जाना चाहिए। बाकी जो जैसा करेगा, कानून अपना काम करेगा।

भाजपा विधायक तपस रॉय ने कहा कि उच्च न्यायालय ने ठीक किया है। महुआ मोइत्रा के पास और कुछ काम नहीं है। महुआ मोइत्रा अपने बारे में सोचे। हुमायूं कबीर के कुर्बानी वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार काम होगा। गैर-कानूनी काम न तो भारत में होगा और न पश्चिम बंगाल में होगा।

भाजपा विधायक पापिया अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों का त्योहार है, उनको किसी ने मना किया है। हमारी सरकार ने केवल तय जगह पर ही कुर्बानी के लिए कहा है।

भाजपा विधायक संजय सिंह ने हुमायूं कबीर के बयान पर कहा कि सभी लोगों को अपनी सोच को बदलना होगा। जिस काम से किसी भी समुदाय को अगर ठेस पहुंचती हो तो उसका सम्मान करना चाहिए। उनको भी अपनी आदत बदलनी पड़ेगी। उनको जिद छोड़नी पड़ेगी। जिद करने वालों के लिए कानून का शासन होगा।