Friday, May 22, 2026
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कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने की भगवा शॉल अभियान की आलोचना, भाजपा पर छात्रों को गुमराह करने का लगाया आरोप

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शिवमोगा, 22 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब और पगड़ी, कड़ा, तिलक, भस्म, पवित्र क्रॉस तथा कलावा जैसे धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दिए जाने की पृष्ठभूमि में स्कूलों में छात्रों के भगवा शॉल पहनने के समर्थन पर टिप्पणी करते हुए शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने शुक्रवार को भाजपा पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

मधु बंगारप्पा ने यह टिप्पणी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के बाद की, जहां 1 जून को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) के शुभारंभ कार्यक्रम की योजना बनाई गई है।

मंत्री ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए स्कूलों में कथित “भगवा शॉल अभियान” सहित विभिन्न मुद्दों पर उसकी भूमिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और विपक्ष छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने नीट पेपर लीक का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 25 लाख छात्र इससे प्रभावित हुए और दावा किया कि इस मुद्दे से पांच छात्रों की मौत की बात भी सामने आई है।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए और इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों की अनदेखी कर रही है और इसके बजाय सांप्रदायिक विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे उन्होंने गैर-जिम्मेदार राजनीति बताया।

मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और सभी समुदायों के छात्रों की सुरक्षा करना है।

उन्होंने आगे कहा कि शिवमोगा शहर 1 जून को केपीएस के शुभारंभ के लिए एक बड़े कार्यक्रम की मेजबानी करेगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया करेंगे।

कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने वाले मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रभारी मंत्री, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने भी निरीक्षण में भाग लिया।

उन्होंने कहा कि विभिन्न स्कूलों के छात्रों को बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक लाया जाएगा और निजी स्कूलों के छात्रों से भी कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया गया है।

उन्होंने कहा कि केवल शिवमोग्गा जिले में 19 केपीएस स्कूल शुरू किए जा रहे हैं, जिन पर प्रति स्कूल लगभग 3.5 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि सभी केपीएस स्कूल जून और जुलाई के बीच शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के तहत लगभग 1,000 स्कूलों के शिलान्यास समारोह आयोजित किए जाएंगे और दावा किया कि सरकार ने इस वर्ष 66 प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल किए हैं, जबकि पहले यह 62 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि विभाग में काफी सुधार हुआ है और सरकारी स्कूलों में कई सुधार लागू किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अब शिक्षक सक्रिय रूप से छात्रों तक पहुंच रहे हैं जबकि पहले छात्रों को शिक्षकों को ढूंढना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया है और सरकार पूरे राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मधु बंगारप्पा ने यह भी कहा कि शिवमोग्गा में सात पब्लिक स्कूल शुरू किए जा रहे हैं और कर्नाटक का मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक बनने की दिशा में है। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य मंत्री उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री और छात्रों के बीच दोपहर भोज पर संवाद होगा। 600 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 900 छात्रों को मंच पर बैठाकर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा तथा सभी केपीएस स्कूल जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे।

विशेष शिक्षा पहलों पर उन्होंने कहा कि सरकार मानवीय प्रयास के तहत कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए स्कूलों की योजना बना रही है, जिसमें चिकित्सा परामर्श को भी कार्यक्रम की रूपरेखा में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट में एसआईआर और मतदाता पंजीकरण जागरुकता पर चर्चा हुई है और नागरिकों से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने की अपील की गई है।