मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर धारावी के पुनर्विकास तक अदाणी समूह महाराष्ट्र के समग्र आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा निवेश कर रहा है। उद्योग जगत के दिग्गजों और विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यहां यह बात कही।
यहां आयोजित ‘हिंदू महाराष्ट्र इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव 2026’ में चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (सीआरएफ) के विशिष्ट फेलो जमशेद ने कहा कि बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी अदाणी समूह काम कर रहा है और राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। इससे अन्य राज्यों को भी यह सीख मिलेगी कि निजी और सार्वजनिक साझेदारी के जरिए मेगा परियोजनाओं को कैसे सफल बनाया जा सकता है।
मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र पी. कल्याणकर ने कहा कि धारावी परियोजना के तहत निवासियों के कौशल विकास पर भी काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “धारावी एक्सपीरियंस सेंटर 15 अगस्त से पहले स्थापित किया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार है। हम निश्चित रूप से आगे बढ़ रहे हैं। 2047 तक विकसित महाराष्ट्र और विकसित भारत के साथ।”
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) ही नहीं, बल्कि मुंबई से सूरजगढ़ और गढ़चिरौली तक समग्र विकास होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “बुनियादी ढांचे, सड़कों, फ्लाईओवर, मेट्रो, किफायती आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में हमने जो काम किए हैं, उन्हें इस कॉन्क्लेव में प्रदर्शित करने का अवसर मिला।”
उन्होंने धारावी पुनर्विकास परियोजना के विजन को भी रेखांकित किया और आवास अधिकार, सम्मान और मुंबई को झुग्गी-मुक्त बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया। उन्होंने व्यापक आवास योजना के तहत सभी निवासियों को घर उपलब्ध कराने की योजना पर भी प्रकाश डाला।
धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) धारावीवासियों के जीवन और ‘लिव-वर्क’ परिस्थितियों को बदलने का एक अनूठा अवसर है, जिसका उद्देश्य बेहतर बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के साथ उच्च गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करना है। एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती को अब भारत की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी पुनर्वास परियोजना के रूप में पुनर्कल्पित किया जा रहा है।
धारावी मास्टर प्लान तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है- पुनर्विकास के जरिए आर्थिक बदलाव को बढ़ावा देना, मजबूत पारिस्थितिकी और बुनियादी ढांचे का निर्माण करना तथा समानता आधारित धारावी का विकास करना।
धारावी को निर्बाध मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ एक अत्यधिक ट्रांजिट-ओरिएंटेड विकास क्षेत्र में बदला जाएगा, जिसमें इसके केंद्र से गुजरने वाला नया मेट्रो कॉरिडोर भी शामिल होगा। बस फीडर सिस्टम, गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए समर्पित बुनियादी ढांचा और बेहतर सड़क नेटवर्क अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे और सभी इलाकों में पैदल आवाजाही को बढ़ावा देंगे।

