Saturday, May 23, 2026
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भीषण गर्मी और लू को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट, अस्पतालों में विशेष इंतजाम: ब्रजेश पाठक

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लखनऊ, 22 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश में भीषण लू और गर्मी की स्थिति को लेकर सरकार की तैयारियों और जनता की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जानकारी दी। उनका कहना है कि सरकार ने गर्मी के समय होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। हर अस्पताल में बेड आरक्षित किए गए हैं ताकि अगर हीटवेव या लू से ग्रसित कोई मरीज आता है तो उसे तुरंत इलाज मिल सके। इसके साथ ही दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है और मरीजों को तुरंत जरूरी चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि गर्मी के इस मौसम में किसी भी मरीज को किसी तरह की परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि इस समय पूरे राज्य में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही धूप में निकलें, वरना घर के अंदर ही रहें और खुद को सुरक्षित रखें।

ब्रजेश पाठक ने बताया कि देश में जनगणना का काम भी शुरू हो चुका है और उत्तर प्रदेश में भी यह प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद भी ऑनलाइन माध्यम से जनगणना में हिस्सा लिया है। इस समय घर-घर जाकर लोगों की गिनती की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें, क्योंकि जनगणना देश की योजना और विकास के लिए बहुत जरूरी होती है। इसके आधार पर ही आगे की नीतियां और योजनाएं बनाई जाती हैं।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई आमर्यादित टिप्पणी की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता जिस तरह से प्रधानमंत्री के खिलाफ भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना ठीक नहीं है। उन्होंने इसे मानसिक दिवालियापन की स्थिति बताते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी भारतीय संस्कृति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयानों का असर राजनीतिक स्तर पर भी पड़ेगा और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।