हैदराबाद, 23 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। राज्य में अब तक लू लगने से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। तेलंगाना इस साल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां हीटवेव से मौतों की आधिकारिक खबर सामने आई है। लगातार बढ़ते तापमान और मौसम विभाग की चेतावनियों के बाद राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।
राज्य के राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने शनिवार को सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्यभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति का जिला स्तर पर आकलन किया गया।
जिला कलेक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, जयशंकर भूपालपल्ली जिले में 4 लोगों की मौत हुई है। वहीं वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद जिलों में 3-3 लोगों ने जान गंवाई। इसके अलावा जोगुलाम्बा गडवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। इस तरह सात जिलों में कुल 16 लोगों की मौत लू लगने से हुई है।
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों का हवाला देते हुए पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत राशि देने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
मंत्री ने कहा कि इस बार गर्मी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अलनीनो के प्रभाव के कारण राज्य में लू की तीव्रता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति में सरकारी मशीनरी को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अलनीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है।
अलनीनो हवाओं के दिशा बदलने, कमजोर पड़ने तथा समुद्र के सतही जल के ताप में बढ़ोत्तरी की विशेष भूमिका निभाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मंडलों और गांवों में तापमान सबसे अधिक दर्ज हो रहा है। वहां पहले से चेतावनी जारी की जाए। मीडिया, सोशल मीडिया और गांवों में मुनादी के जरिए लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय बताए जाएं।
सरकार ने बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों, मजदूरों के काम करने वाले इलाकों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ठंडा पानी, मट्ठा और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि गर्मी की वजह से एक भी जान नहीं जानी चाहिए।
उन्होंने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों से सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से न निकलने की अपील की। साथ ही खेतों, निर्माण स्थलों और सड़कों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हर जिला कलेक्टर खुद हालात की निगरानी करें और गांव स्तर तक सभी अधिकारी फील्ड में मौजूद रहें। हीटस्ट्रोक के लक्षण मिलने पर तुरंत इलाज के लिए मेडिकल टीमें तैयार रखने को कहा गया है।
सरकार ने इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और जानवरों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 मई तक करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, हैदराबाद और रंगारेड्डी जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा।

