नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने सोमवार को इम्फाल स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय (एनएसयू) का दौरा किया, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर की प्रगति की समीक्षा की और भारत के इस प्रमुख खेल शिक्षा संस्थान से जुड़े खिलाड़ियों, छात्रों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में खेल व्यवस्था की समीक्षा के तहत भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई), इम्फाल का भी दौरा किया।
इस यात्रा के दौरान मंत्री के साथ राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के कुलपति दलजीत सिंह चौधरी; मणिपुर सरकार के खेल सचिव एन. प्रवीण सिंह; एसएआई के क्षेत्रीय निदेशक सी. धंदापानी; साथ ही राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
सुबह-सुबह खडसे एथलीटों के दैनिक प्रशिक्षण सत्रों में शामिल हुईं और उनके साथ फिटनेस और कंडीशनिंग गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने वार्म-अप अभ्यास, सहनशक्ति प्रशिक्षण, स्ट्रेचिंग व्यायाम, गतिशीलता दिनचर्या और खेल-विशिष्ट अभ्यास सत्रों को देखते हुए एथलीटों और कोचों के साथ गहन बातचीत की। एथलीटों द्वारा प्रदर्शित समर्पण और अनुशासन की सराहना करते हुए, मंत्री ने उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इम्फाल पश्चिम के कौट्रुक स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर में खडसे ने चल रहे निर्माण और अवसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। लगभग 325 एकड़ में फैला यह परिसर लगभग पूरा होने की कगार पर है, जिसमें लगभग 95 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। मंत्री ने परिसर के भीतर विकसित की जा रही प्रमुख सुविधाओं की समीक्षा की, जिनमें प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाओं और प्रयोगशालाओं से सुसज्जित शैक्षणिक परिसर, पुस्तकालय, सभागार, खेल विज्ञान सुविधाएं और लगभग 1,300 छात्रों और लगभग 60 संकाय सदस्यों को समायोजित करने के लिए डिजाइन किए गए आवासीय छात्रावास शामिल हैं।
मंत्री ने एनएसयू में खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग, खेल प्रौद्योगिकी, एथलीट विकास और अनुसंधान को समर्थन देने के लिए विकसित किए जा रहे एकीकृत शैक्षणिक और खेल पारिस्थितिकी तंत्र की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय भारत के संस्थागत खेल ढांचे को मजबूत करने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल पेशेवरों और एथलीटों को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपनी यात्रा के दौरान बोलते हुए खडसे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत खेल अवसंरचना, खिलाड़ी विकास और खेल शिक्षा में अभूतपूर्व निवेश देख रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने और विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्टता द्वारा संचालित एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में उभरेगा।
मंत्री ने बाद में इम्फाल स्थित एसएआई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) का दौरा किया, जहां उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुलीन एथलीटों और उभरती प्रतिभाओं के लिए उपलब्ध एथलीट सहायता प्रणालियों और खेल विज्ञान सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने फिजियोथेरेपी, रिकवरी, पोषण, खेल चिकित्सा, शरीर क्रिया विज्ञान और शक्ति एवं कंडीशनिंग से संबंधित सुविधाओं की समीक्षा करते हुए एथलीटों, कोचों और सहायक कर्मचारियों से बातचीत की।
यह दौरा भारत सरकार की खेल शिक्षा को मजबूत करने, वैज्ञानिक एथलीट प्रशिक्षण और उच्च-प्रदर्शन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, क्योंकि भारत वैश्विक खेल शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

