Tuesday, May 26, 2026
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विपक्ष चुनाव के माध्यम से सत्ता हासिल करने की क्षमता पर भरोसा खो चुका है : संजय निरुपम

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मुंबई, 25 मई (आईएएनएस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पद पर नहीं रहेंगे। निरुपम ने कहा कि एक साल में सरकार गिरने का सपना हास्‍यास्‍पद है।

निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत की संवैधानिक व्यवस्था के तहत सरकारें पांच वर्षों के लिए चुनी जाती हैं और 2024 में देश की जनता ने मोदी सरकार को स्पष्ट जनादेश देकर पांच साल तक शासन करने का अधिकार दिया है। यदि राहुल गांधी यह सपना देख रहे हैं कि एक साल के भीतर सरकार गिर जाएगी, तो यह हास्यास्पद है और इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष चुनाव के माध्यम से सत्ता हासिल करने की अपनी क्षमता पर भरोसा खो चुका है।

निरुपम ने कहा कि यदि विपक्ष किसी अलोकतांत्रिक तरीके से अस्थिरता पैदा कर सरकार गिराने का प्रयास करना चाहता है, तो यह बेहद खतरनाक सोच है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से अपील की कि सत्ता में आने का लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीका अपनाना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विपक्ष गैर-लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएगा, तो जनता उन्हें आने वाले वर्षों तक राजनीति के हाशिए पर धकेल देगी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से विपक्ष सत्ता से दूर है और यदि इसी तरह की राजनीति जारी रही, तो उनकी स्थिति और कमजोर हो सकती है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव के साथ संबंधों को लेकर की गई प्रशंसा के बीच शिवसेना नेता संजय निरुपम ने केंद्र सरकार की कूटनीतिक पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मालदीव में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार शुरुआत में चीन के प्रभाव में आकर भारत से दूरी बनाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कूटनीतिक प्रयासों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में अब काफी सुधार आया है।

निरुपम ने कहा कि मालदीव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है और भारतीय पर्यटकों का उसमें बड़ा योगदान है, इसलिए भारत के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना मालदीव के हित में भी है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से अपने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने की नीति पर काम करता रहा है।

बेरोजगारी के मुद्दे पर भी संजय निरुपम ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में बेरोजगारी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है और इसका प्रमुख कारण देश की विशाल आबादी है। हर महीने लगभग 10 से 12 लाख युवा नौकरी के बाजार में प्रवेश करते हैं, जबकि हर साल करीब एक करोड़ युवा रोजगार की तैयारी करते हैं।

निरुपम ने माना कि सरकारें चाहे केंद्र की हों या राज्य की, बेरोजगारी की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल मौजूदा सरकारों के कार्यकाल की समस्या नहीं है, बल्कि आजादी से पहले से ही देश इस चुनौती का सामना करता आ रहा है।