बेंगलुरु, 25 मई (आईएएनएस)। उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने ईंधन के दामों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। उन्होंने सोमवार को कहा कि 30 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होंगे और पार्टी बाद में कर्नाटक के हर विधानसभा क्षेत्र में आंदोलन को तेज करेगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने आगे कहा कि हम इन मूल्य वृद्धि के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा करेंगे। जनता को खुद केंद्र में इस जनविरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।
प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सार्वजनिक सलाहों के माध्यम से लोगों की जीवनशैली को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों को शादियों के लिए सोना न खरीदने या ठीक से न खाने के लिए कैसे कह सकते हैं? भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जो एक दिन मेट्रो में यात्रा करते हैं, उन्होंने सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए ऐसा किया। वे खुद नियमित रूप से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग नहीं करते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कर्नाटक में भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन पर ‘आत्मसम्मान की कमी’ का आरोप लगाया और कहा कि वे राज्य सरकार से टैक्स कम करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमने केंद्र सरकार द्वारा की गई मूल्य वृद्धि को दिनदहाड़े लूट बताया और विरोध प्रदर्शन भी किए। फिर भी, भाजपा नेता बेशर्मी से राज्य सरकार से कर कम करने की मांग कर रहे हैं। पहले केंद्र सरकार का शोषण बंद करो।
शिवकुमार ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 12 वर्षों में पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स 43 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोल 71 रुपए और डीजल 56 रुपए था। आज इनकी कीमत क्रमशः 110 रुपए और 99 रुपए हो गई है।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर बार-बार मूल्य वृद्धि करके जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया, वहीं यह दावा किया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम कर रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ईंधन पर करों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए एकत्र कर रही है। इन करों को कम करके सरकार आम जनता पर बोझ कम कर सकती थी। किसी अन्य देश में इतनी अधिक मूल्य वृद्धि नहीं देखी गई है। अकेले पिछले 11 दिनों में ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.52 रुपए की वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

