Tuesday, May 26, 2026
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गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे 320 लोगों को बचाना थी कठिन चुनौती : डीजीपी

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श्रीनगर, 26 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने मंगलवार को कहा कि गुलमर्ग में फंसे केबल कार के केबिनों से 320 लोगों को सुरक्षित निकालकर सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देने वाली बचाव टीमों के साथ खड़ा होना उनके लिए गर्व का क्षण था।

डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय बचाव दल की टीमों से कहा, “सच कहूं तो, मुझे विश्वास नहीं था कि हम आधी रात से पहले यह काम पूरा कर पाएंगे। आप सबके साथ खड़े होकर मुझे गर्व हो रहा है।”

डीजीपी ने कहा, “गुलमर्ग पुलिस स्टेशन की टीमें सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचीं लेकिन तुरंत ही सेना, जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल भी उनके साथ जुड़ गए। सभी ने अत्यंत समन्वित और पेशेवर तरीके से काम करते हुए बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया और 320 फंसे हुए लोगों को नीचे उतारा।”

उन्होंने कहा कि जमीनी बचाव कार्य उतना चुनौतीपूर्ण और कठिन नहीं था, जितना कि खराब मौसम में दुर्गम पहाड़ी इलाकों में कार के केबिन में फंसे लोगों को बचाना। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में हमें हमेशा सबसे कठिन चुनौतियां दी गई हैं और हमने हमेशा उन्हें सफलतापूर्वक पूरा किया है।”

डीजीपी ने छह घंटे तक चले इस असाधारण अभियान के दौरान गुलमर्ग पुलिस स्टेशन, एसओजी, जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस, पर्वतीय बचाव दल (एमआरटी), एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के कर्मियों के असाधारण प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी।

उन्होंने कहा, “आप थके हुए, भूखे-प्यासे हो सकते हैं लेकिन मुझे यकीन है कि आप सभी खुश हैं क्योंकि आज आपको एक उद्देश्य दिया गया था और आपने उसमें सफलता हासिल की।”

डीजीपी ने घोषणा की कि बचाव अभियान में लगे प्रत्येक व्यक्ति को उनकी बहादुरी और समर्पण के सम्मान में डीजी प्रशस्ति पदक से सम्मानित किया जाएगा। जिन बचाव कर्मियों के पास पहले से ही डीजी प्रशस्ति पत्र हैं, उन्हें पदोन्नति आदि जैसे अन्य तरीकों से पुरस्कृत किया जाएगा।

बचाव अभियान की निगरानी के दौरान डीजीपी के साथ विशेष डीजीपी जावेद मुजतबा गिलानी, विशेष डीजी और कमांडेंट जनरल होमगार्ड्स अब्दुल गनी मीर, आईजीपी कश्मीर वीके बर्डी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।