पेरिस, 26 मई (आईएएनएस)। डेनिल मेदवेदेव का रोलैंड गैरोस में खराब प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। वर्ल्ड नंबर-5 मेदवेदेव को पहले ही राउंड में ऑस्ट्रेलियाई वाइल्डकार्ड एडम वाल्टन के हाथों 5 सेट में हार (6-2, 1-6, 6-1, 1-6, 6-4) का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला 3 घंटे 22 मिनट तक चला।
यह वाल्टन के करियर की सबसे बड़ी जीत थी, जिसके साथ ही उन्होंने किसी टॉप-10 खिलाड़ी के खिलाफ पहली बार जीत दर्ज की है। फ्रेंच ओपन में 10 बार हिस्सा लेने के दौरान ऐसा 7वीं बार था, जब मेदवेदेव पहले ही राउंड में बाहर हो गए। इसके साथ ही रोलैंड गैरोस में 5 सेट वाले मुकाबलों में उनका रिकॉर्ड बेहद निराशाजनक 0-4 का हो गया है।
क्ले कोर्ट पर दोनों खिलाड़ियों के बीच यह एक जबरदस्त मुकाबला था, जिसमें मैच का पलड़ा लगातार इधर-उधर झुकता रहा। वाल्टन के लिए मैच में बने रहना काफी मुश्किल था, क्योंकि पूर्व यूएस ओपन चैंपियन मेदवेदेव आखिरी तीन सेटों में हावी होने की कोशिश कर रहे थे। पेरिस की गर्मी से जूझते हुए मेदवेदेव को दूसरे सेट के दौरान ‘एंड्स’ बदलने के समय एक ‘टाइमआउट’ भी लेना पड़ा।
पांचवें सेट में जब मेदवेदेव 4-2 से आगे चल रहे थे, तब ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से जीत की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन वाल्टन ने लगातार चार गेम जीतकर मैच का पासा पलट दिया। वॉल्टन दूसरे राउंड में अमेरिका के वर्ल्ड नंबर-108 खिलाड़ी जैकेरी स्वाजडा से खेलेंगे।
दूसरी तरफ, फ्रेंच टेनिस को भी सफलता मिली। 17 वर्षीय मोइज कौमे ने अपने ग्रैंड स्लैम डेब्यू पर ही पूर्व यूएस ओपन चैंपियन मारिन सिलिच को हराकर एक जबरदस्त उलटफेर करते हुए 7-6(4), 6-2, 6-1 से जीत हासिल की।
कौमे की इस जीत के साथ ही वह साल 1991 के बाद से रोलैंड गैरोस में जीत दर्ज करने वाले सबसे युवा फ्रेंच खिलाड़ी बन गए हैं। अब उनका अगला मुकाबला एडोल्फो डैनियल वैलेजो से होगा, क्योंकि ब्रिटेन के कैमरन नॉरी ने अपने पहले राउंड के मुकाबले से नाम वापस ले लिया था।

