तिरुवनंतपुरम, 26 मई (आईएएनएस)। केरलम में भाजपा के विधायकों ने सबरीमला गोल्ड घोटाले की सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। भाजपा विधायकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को पत्र लिखकर मामले की तत्काल सीबीआई जांच कराने और सबरीमला आंदोलन के दौरान श्रद्धालुओं पर दर्ज सभी मामलों को बिना शर्त वापस लेने की मांग की।
भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि जब वीडी सतीशन विपक्ष के नेता थे, तब उन्होंने खुद इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन अब नई सरकार की दो कैबिनेट बैठकों के बाद भी जांच को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में हो रही देरी उचित नहीं है।
भाजपा नेताओं ने घोटाले के पीछे की साजिश की भी व्यापक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में पूर्व देवस्वम बोर्ड अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच होनी चाहिए। साथ ही दो पूर्व देवस्वम मंत्रियों पर लगे आरोपों की भी जांच की मांग की गई है।
वी. मुरलीधरन ने कहा कि जांच में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के कई लोगों से कथित संबंधों की भी जांच होनी चाहिए, जिनमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पहले उठाए गए कथित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के पहलू की भी जांच जरूरी है।
यह मांग भाजपा विधायक राजीव चंद्रशेखर, वी. मुरलीधरन और बी. बी. गोपाकुमार की ओर से संयुक्त रूप से भेजे गए पत्र में उठाई गई है।
भाजपा नेताओं ने सबरीमला मंदिर में मासिक धर्म वाली महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हुए आंदोलन में शामिल श्रद्धालुओं पर दर्ज मामलों को भी वापस लेने की मांग की। पत्र में दावा किया गया कि इस आंदोलन से जुड़े 2,624 मामलों में कुल 29,119 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
सरकार केवल 1,047 गैर-गंभीर मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है, लेकिन भाजपा विधायकों का कहना है कि गंभीर और गैर-गंभीर मामलों का यह वर्गीकरण राजनीतिक आधार पर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों अयप्पा श्रद्धालु और युवा बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि के आज भी कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सभी मामले बिना शर्त वापस नहीं लिए गए, तो लोग मानेंगे कि पिछले आठ वर्षों से कांग्रेस द्वारा किए गए वादे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी थे।

