भोपाल में सबसे अधिक 4.38 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित
भोपाल, 21 मई | केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ाया है। अब तक कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में कुल 10 लाख 19 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
भोपाल सर्किल में सर्वाधिक स्मार्ट मीटर
कंपनी के अनुसार, इनमें सबसे अधिक भोपाल शहर वृत्त में 4 लाख 38 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इन क्षेत्रों में अब बिलिंग और रीडिंग समय पर एवं सटीक हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को कई लाभ मिल रहे हैं।
दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट
कंपनी ने बताया कि नए टैरिफ आदेश के अनुसार, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच उपयोग की गई बिजली पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। यह छूट टाइम-ऑफ-डे (टीओडी) प्रणाली के तहत दी जाती है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोत्साहन सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) से अलग गणना की जाती है।
स्मार्ट मीटर के छह बड़े फायदे
कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को होने वाले प्रमुख लाभ भी गिनाए हैं:
ऊर्जा बचत – खपत पर नजर रखकर बिजली का संयमित उपयोग संभव।
सटीक बिलिंग – बिल में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं।
रियल-टाइम ट्रैकिंग – मोबाइल ऐप से तत्काल डेटा देख सकते हैं।
गुणवत्ता जानकारी – ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में अलर्ट मिलता है।
ऑनलाइन नियंत्रण – घर बैठे खपत को ट्रैक और नियंत्रित करने की सुविधा।
पर्यावरण हितैषी – कम खपत से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव।
कंपनी ने बढ़ाई गति
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि शेष उपभोक्ताओं तक भी समय सीमा में स्मार्ट मीटर पहुंचाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर से न सिर्फ उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ी है, बल्कि ऊर्जा दक्षता में भी सुधार हुआ है।

