60% प्रैक्टिकल और 40% थ्योरी वाला अनूठा शिक्षा मॉडल
भोपाल / लखनऊ : 15 May| मध्य भारत की प्रमुख स्किल्स यूनिवर्सिटी, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू) ने उच्च शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए एक अहम पहल की है। विश्वविद्यालय ने गीक्स ऑफ गुरुकुल के साथ शैक्षणिक सहयोग की घोषणा की है, जिससे बी.टेक, बीसीए और बीबीए के विद्यार्थियों को आईआईटी और आईआईएम के पूर्व छात्रों तथा उद्योग विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगे छात्र
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाना और उन्हें वास्तविक उद्योग परिवेश के लिए तैयार करना है। इसके तहत छात्रों को:
वास्तविक उद्योग परियोजनाओं पर काम करने का अवसर
केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक सीख
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
नियमित मार्गदर्शन सत्र
जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यह पहल केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक और उद्योग-आधारित कौशल से मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
60-40 का अनूठा शैक्षणिक मॉडल
इस शैक्षणिक सहयोग के तहत एक विशेष मॉडल लागू किया गया है, जिसमें:
60 प्रतिशत उद्योग-आधारित व्यावहारिक अनुभव
40 प्रतिशत सैद्धांतिक अध्ययन
शामिल किए गए हैं। इस मॉडल से छात्र वास्तविक कार्य वातावरण को समझते हुए सीख सकेंगे और अपने कौशल को व्यवहारिक रूप से विकसित कर सकेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पहल
यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप है, जिसमें कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
क्या बोले विश्वविद्यालय के अधिकारी?
स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा:
“यह सहयोग विद्यार्थियों को देश के श्रेष्ठ विशेषज्ञों, आईआईटी-आईआईएम एलुमनी तथा उद्योग विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्रदान करेगा। इससे उनका ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा उनका भविष्य अधिक उज्ज्वल एवं सशक्त बनेगा।”
एसजीएसयू के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने कहा:
“यह पहल विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक अध्ययन तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग अनुभव से सक्रिय रूप से जोड़ते हुए उनकी रोजगार क्षमता को सशक्त बनाती है। विश्वविद्यालय निरंतर शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने के लिए कार्यरत है।”
छात्रों को मिलेंगे बेहतरीन करियर अवसर
इस सहयोग के माध्यम से विद्यार्थी अपने करियर को नई दिशा देते हुए तकनीकी एवं प्रबंधन क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसर प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह मॉडल छात्रों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा, जिससे उनके प्लेसमेंट की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।


