Saturday, June 13, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति कर्नाटक में नेतृत्व संकट पर जनता की पैनी नजर: भाजपा

कर्नाटक में नेतृत्व संकट पर जनता की पैनी नजर: भाजपा

0
18

बेंगलुरु, 27 मई (आईएएनएस)। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए चेतावनी दी कि राज्य की जनता वहां हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रख रही है।

राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच एक कड़े बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कन्नड़ भाषी लोगों के धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।

अशोका ने दावा किया कि जनता जल्द ही उस सरकार को करारा जवाब देगी जिसे उन्होंने ‘सत्ता की भूखी और जनविरोधी सरकार’ करार दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य को केवल मुख्यमंत्री परिवर्तन की नहीं, बल्कि ‘जनविरोधी कांग्रेस सरकार’ के पूर्ण परिवर्तन की आवश्यकता है।

अशोका ने आरोप लगाया कि 2023 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से कर्नाटक में शासन व्यवस्था चरमरा गई है।

उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी दल के आंतरिक संघर्षों में उलझे रहने के कारण विकास, जन कल्याण, किसानों की चिंताएं और युवाओं का भविष्य सब हाशिये पर चले गए हैं।

अशोका ने कांग्रेस के भीतर कथित ‘सत्ता-साझाकरण व्यवस्था’ को पूरी तरह से राजनीतिक तमाशा बताया और आरोप लगाया कि इस आंतरिक कलह ने प्रशासन को पंगु बना दिया है और देश के समक्ष कर्नाटक की छवि को धूमिल किया है।

उन्होंने आगे कहा कि विधान सौधा अब शासन केंद्र के रूप में कार्य नहीं कर रहा है, बल्कि राजनीतिक समीकरणों और अस्तित्व की लड़ाई का मैदान बन गया है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों को निशाना बनाते हुए अशोक ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहें, शिवकुमार पदभार संभालें या कांग्रेस उच्च कमान द्वारा किसी अन्य नेता को नियुक्त किया जाए।

उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार के पास कर्नाटक की जनता को देने के लिए ‘कुछ भी सार्थक नहीं’ था।

भाजपा नेता ने सरकार पर कर्नाटक के विकास के लिए दूरदर्शिता की कमी, किसानों की दुर्दशा की अनदेखी, युवाओं को अवसर प्रदान करने में विफलता और सार्वजनिक मुद्दों के प्रति जवाबदेही न दिखाने का आरोप लगाया।

अशोका ने आरोप लगाया कि उनका एकमात्र एजेंडा सत्ता, पद, लूट और स्वार्थी राजनीति है।