Thursday, May 28, 2026
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लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका तैयार, 30 मई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम करेंगे लोकार्पण

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लखनऊ, 27 मई (आईएएनएस)। यूपी की राजधानी लखनऊ में भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और तकनीकी क्षमता को समर्पित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को सीजीसीटी परिसर में निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय और ओपन एयर म्यूजियम की तैयारियों का जायजा लिया।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना 30 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में जनता को समर्पित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पर्यटन मंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने संग्रहालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जयवीर सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक पार्क नहीं, बल्कि देश के वीर नौसैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह राजधानीवासियों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक अनूठा उपहार होगा, जहां आने वाले लोग भारतीय नौसेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को करीब से महसूस कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त युद्धपोत ‘गोमती’ लखनऊ की नई पहचान बनेगा और पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरेगा।

बता दें कि इस परियोजना का निर्माण भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। संग्रहालय में भारतीय नौसेना पोत गोमती से जुड़े कई वास्तविक नौसैनिक उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें लंगर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53एम पनडुब्बी अवरोधक प्रणाली, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज के प्रोपेलर जैसे उपकरण शामिल हैं।

परियोजना के तहत ओपन एयर म्यूजियम में भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित टीयू-142 विमान और एसके-42बी हेलीकॉप्टर को भी स्थापित किया जाएगा। संग्रहालय में क्यूरेशन कार्य के जरिए नौसेना के इतिहास, समुद्री सुरक्षा और युद्धक क्षमता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2366.92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। संशोधित डिजाइन और प्रथम चरण के कार्यों को शामिल करते हुए परियोजना की लागत 2317.95 लाख रुपए स्वीकृत की गई।

वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में टीयू-142 विमान की स्थापना और क्यूरेशन कार्यों के लिए अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र सुरक्षा में उसकी भूमिका से परिचित कराने के साथ-साथ युवाओं में देशभक्ति और सैन्य सेवाओं के प्रति प्रेरणा भी जगाएगा।