चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर गुरुवार को एआईएडीएमके के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के विलय पर फैसला ले सकते हैं। दोनों गुटों के नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ दायर याचिकाएं औपचारिक रूप से वापस ले ली हैं और पार्टी में एकता का दावा करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हालिया राजनीतिक संकट के दौरान दायर अयोग्यता याचिकाओं को वापस लेने का अनुरोध दोनों गुटों ने किया है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद वह आधिकारिक घोषणा करेंगे।
यह घटनाक्रम एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) और वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुटों के बीच लंबी सुलह वार्ता के बाद सामने आया।
एक बड़े घटनाक्रम में वेलुमणि गुट के 14 विधायक सी.वी. शनमुगम के आवास से चेन्नई में ईपीएस से मिलने पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, बागी विधायकों ने पलानीस्वामी को माफी पत्र सौंपे और पार्टी में विभाजन के बाद उनसे छीने गए पदों को बहाल करने की मांग की। पलानीस्वामी से मुलाकात के तुरंत बाद वेलुमणि और अन्य विधायक विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर से मिले और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार से समर्थन वापस लेने का पत्र सौंपा।
इसके बाद दोनों गुटों के नेता संयुक्त रूप से विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय पहुंचे, जिससे पार्टी के औपचारिक रूप से फिर एक होने का संकेत मिला। उन्होंने पार्टी व्हिप की नियुक्ति से जुड़ी पुरानी याचिकाएं भी वापस ले लीं और अध्यक्ष को बताया कि अब वे एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं।
विधायकों ने नए ज्ञापन देकर एडप्पादी के. पलानीस्वामी को एआईएडीएमके विधायक दल का नेता मान्यता देने और एग्री कृष्णमूर्ति को विधानसभा में पार्टी व्हिप नियुक्त करने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ने खुद उन विधायकों के नाम पढ़कर सुनाए जिन्होंने याचिकाएं दी थीं और उनकी मौजूदगी की व्यक्तिगत रूप से पुष्टि की। हालांकि सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम व्यक्तिगत रूप से अध्यक्ष के सामने पेश नहीं हुए और यह साफ नहीं है कि उनकी याचिका औपचारिक रूप से स्वीकार हुई या नहीं।
हालांकि दोनों गुटों के बीच समझौता होता दिख रहा है, लेकिन सी.वी. शनमुगम के राजनीतिक भविष्य को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने शुरुआत में एडप्पादी के. पलानीस्वामी से मिलने से इनकार कर दिया था, लेकिन वरिष्ठ नेता पी. थंगामणि ने उन्हें बातचीत में शामिल होने के लिए मनाया। फिलहाल वह चेन्नई स्थित अपने आवास पर समर्थकों से चर्चा कर रहे हैं। एडप्पादी के. पलानीस्वामी गुट में उनकी संभावित वापसी को लेकर एआईएडीएमके के कुछ नेताओं के बीच मतभेद बढ़ते दिख रहे हैं।

