Thursday, May 28, 2026
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साइप्रस में एस. जयशंकर की वैश्विक नेताओं से मुलाकात, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति पर हुई अहम चर्चा

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निकोसिया, 28 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इन चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने और पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की। दोनों के बीच यूक्रेन में चल रहे युद्ध और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर बात हुई।

मीटिंग के बाद एंड्री सिबिहा ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “साइप्रस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मेरी एक सार्थक मुलाकात हुई। हमने रूस-यूक्रेन युद्ध और युद्ध के मैदान की स्थिति पर चर्चा की। खासकर यूक्रेन की बढ़ती पहल के बारे में।”

उन्होंने कहा, “हमारा संदेश साफ है। हम इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं और एक स्थायी और व्यापक शांति चाहते हैं। हमने शांति प्रयासों और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर भी बात की। जैसे-जैसे यूरोप अपनी जिम्मेदारी बढ़ा रहा है, हम भारत की मजबूत आवाज और योगदान का स्वागत करते हैं। हमने यूक्रेन-भारत संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की और तय किया कि हम आपसी हित के मुद्दों पर नियमित बातचीत जारी रखेंगे।”

एस. जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी मुलाकात की, जहां दोनों ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर विचार साझा किए।

उन्होंने इस बातचीत के बारे में सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अच्छी बैठक हुई। पश्चिम एशिया/मिडिल ईस्ट की बदलती स्थिति पर उनके विचार और समझ के लिए मैं आभारी हूं।”

इसके अलावा, जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के साथ भी बातचीत की। इस दौरान भारत-ईयू सहयोग और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई।

भारत के विदेश मंत्री बुधवार को साइप्रस पहुंचे, जहां वे यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की इस अनौपचारिक बैठक में शामिल हुए। उन्हें यह निमंत्रण ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस ने दिया था।