नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पिनाराई विजयन के घर के बाहर प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित तौर पर ईडी के एक अधिकारी की गाड़ी पर हमला करने के मामले पर सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बात करते हुए वृंदा करात ने कहा कि सीपीएम नेता पिनाराई विजयन के घरों और दफ्तरों पर ईडी की छापेमारी को ज्यादातर लोगों ने साफ तौर पर राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम माना है। इस छापे का मकसद विपक्ष के इतने बड़े कद के नेता को धमकाना, डराना और जलील करना था।
उन्होंने कहा कि जाहिर है इससे पूरे केरल में और सिर्फ केरल में ही नहीं बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी अपने आप विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि न सिर्फ सीपीएम नेताओं ने बल्कि दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी इसे साफ तौर पर राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला बताया है।
उन्होंने कहा कि जब किसी ऐसे नेता के साथ कोई ऐसी घटना होती है, जिसका बहुत सम्मान होता है और जिसे बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन हासिल होता है, तो विरोध प्रदर्शन होना लाजमी है। ये विरोध प्रदर्शन अपने आप हुए थे। हालांकि, ईडी इसे अपनी टीमों पर एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला दिखाने की कोशिश कर रही है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था।
वृंदा करात ने कहा कि अगर यह पहले से सोचा-समझा हमला होता, तो पूरे केरल में ईडी की टीमों को इसी तरह की घटनाओं का सामना करना पड़ता। यह बात साफ तौर पर दिखाती है कि यह युवाओं की ओर से विरोध जताने का एक अपने आप उभरा हुआ तरीका था।
उन्होंने कहा कि इसलिए, इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया हमला बताना ईडी की तरफ से पूरी तरह से गुमराह करने वाली बात है। यही बात केरल में कांग्रेस के नेताओं की ओर से दिए गए कुछ बयानों पर भी लागू होती है।
वृंदा करात ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि वे (ईडी) भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भाजपा केरल में कांग्रेस के कुछ नेताओं के जरिए सीपीआई (एम) के नेतृत्व को कमजोर करने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी। सीपीआई (एम) एक ऐसी पार्टी है जिसने कई चुनौतियों का सामना किया है और वह इस तरह की चालबाजियों के आगे कभी नहीं झुकेगी।

