नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की हार तय है और वह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर हंगामा कर अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे पर कहा, “कांग्रेस में कुछ तो गड़बड़ चल रही है। कांग्रेस का पतन तय है और इसी वजह से पार्टी दुविधा से जूझ रही है। नेता इस्तीफा देकर पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है, जिस पर कोई भी ज्यादा देर तक नहीं रहना चाहता।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास अवैध ढांचों को गिराने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “अमित शाह का बयान पूरी तरह तार्किक और मौजूदा हालात के हिसाब से बिल्कुल सही है। जनता ने उन्हें सबक सिखाया और सत्ता से बाहर कर दिया। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इसे रोका जाए। देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। कुछ घुसपैठिए सीमा के उस पार कुछ किलोमीटर के दायरे में ठिकाने बनाने की कोशिश करते हैं, इसलिए घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए गृह मंत्री का बयान बिल्कुल सही है। इसे लागू किया जाएगा और किया जाना भी चाहिए।”
एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल एसआईआर को लेकर हंगामा मचा रहे थे, लेकिन एसआईआर एक सतत और जारी प्रक्रिया है। “वे अपनी हार का ठीकरा एसआईआर पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की अगुवाई करें या तेजस्वी यादव, इससे हमारा क्या लेना-देना? देश की जनता ने नकारात्मक सोच वाले लोगों को पहले ही नकार दिया है।”
गिरिराज सिंह ने आगे कहा, “एसआईआर के नाम पर बिहार, पश्चिम बंगाल और पूरे देश में चुनाव लड़े गए थे। लालू यादव हों, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी या कोई और, वे सब अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे ममता बनर्जी हों या कोई और, अब सबकी असलियत सामने आ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से अवैध घुसपैठियों की पहचान की जा रही है, जिससे विपक्ष परेशान है। केंद्र सरकार की सीमा सुरक्षा और मतदाता सूची शुद्धिकरण की नीतियों का समर्थन किया और कहा कि ये कदम देश की अखंडता और लोकतंत्र को मजबूत बनाएंगे।

