Saturday, May 30, 2026
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पुणे जहरीली शराब केस: हडपसर थाने के तीन पुलिस अधिकारी निलंबित, विभागीय जांच के आदेश

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पुणे, 29 मई (आईएएनएस)। पुणे और पिंपरी-चिंचवड में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुणे पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हडपसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों की लापरवाही, कर्तव्य में निष्क्रियता और पर्यवेक्षण की कमी को गंभीर माना है।

निलंबित किए गए अधिकारियों में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और पुलिस उपनिरीक्षक हसन मुलाणी शामिल हैं। तीनों अधिकारी हडपसर पुलिस स्टेशन और उससे जुड़े अपराध जांच तंत्र में कार्यरत थे।

पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 29 मई को हडपसर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 379/2026 दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 123, 125, 275 और 3(5) के साथ-साथ महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम 1949 की धारा 65 (ई), 68, 81 और 83 के तहत दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अवैध रूप से जहरीली देसी शराब तैयार की और उसमें विषैले रसायन मिलाकर उसका परिवहन एवं वितरण किया। आरोपियों को यह जानकारी थी कि इस शराब के सेवन से लोगों की जान जा सकती है। इसके बावजूद उन्होंने सुनियोजित तरीके से जहरीली शराब बेचकर कई लोगों की मौत का कारण बने।

आदेश में कहा गया है कि संबंधित पुलिस अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी में गंभीर कमी के कारण यह घटना घटी। इस मामले की खबरें सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रसारित होने के बाद पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े हुए हैं।

मुंबई पुलिस (शिक्षा एवं अपील) नियम 1956 तथा मुंबई पुलिस अधिनियम 1951 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रस्तावित प्राथमिक और विभागीय जांच पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

आदेश के अनुसार, निलंबित अधिकारियों को महाराष्ट्र नागरी सेवा नियम 1981 के तहत निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उन्हें शहर भत्ता, घरभाड़ा भत्ता और महंगाई भत्ते जैसी सुविधाएं नियमानुसार मिलती रहेंगी।

पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन काल में संबंधित अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा उन्हें प्रतिदिन पुणे शहर पुलिस नियंत्रण कक्ष में हाजिरी देना अनिवार्य रहेगा।