Sunday, May 31, 2026
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से की मुलाकात

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हैदराबाद, 31 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़ ने रविवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शमशाबाद स्थित नोवोटेल होटल में खड़गे से मुलाकात की। यह होटल राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित है।

इस बैठक में तेलंगाना कांग्रेस की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन भी मौजूद थीं। खड़गे नई दिल्ली से कर्नाटक के गुलबर्गा जाते समय हैदराबाद में रुके थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है। हालांकि, पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई।

इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सोमवार को अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेंगे। यह बैठक राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की जा रही कर्मचारी स्वास्थ्य योजना के क्रियान्वयन को लेकर होगी।

यह योजना कर्मचारी स्वास्थ्य देखभाल ट्रस्ट के माध्यम से लागू की जाएगी। ट्रस्ट में कुल आठ सदस्य होंगे, जिनमें छह कर्मचारी संगठनों और दो पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राज्य सरकार का एक कर्मचारी होगा। इस समिति के गठन की घोषणा सोमवार को की जा सकती है।

योजना को लागू करने के लिए आवश्यक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों को कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवार के सदस्यों का विवरण एकत्र करने का निर्देश दिया है।

जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यह जानकारी 31 मई तक अपलोड की जानी चाहिए। इसी आधार पर सरकार डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी करेगी और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी।

राज्य मंत्रिमंडल ने 23 फरवरी को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत 3.56 लाख सरकारी कर्मचारी, 2.88 लाख पेंशनभोगी और उनके आश्रित परिजन यानी कुल 17.07 लाख लाभार्थियों को कवर किया जाएगा।

सरकार ने घोषणा की है कि सभी सरकारी अस्पतालों और 652 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत 1,998 चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल की गई हैं।

इस योजना के लिए कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 1.5 प्रतिशत योगदान देना होगा, जबकि सरकार भी बराबर राशि का योगदान करेगी। ट्रस्ट का वार्षिक बजट 1,056 करोड़ रुपए होगा, जिसमें 528 करोड़ रुपए कर्मचारियों और 528 करोड़ रुपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे।