नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने घटना को पूर्व नियोजित साजिश करार दिया।
वरिष्ठ वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने समाचार एजेंसी आईएएनए से बात करते हुए कहा, “जिस व्यक्ति ने पत्थर फेंका था, जिसे हम सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, क्या उसे गिरफ्तार किया गया? इसके पीछे जो साजिश थी, क्या उसकी जांच की गई? स्थानीय पुलिस वह सब देख रही थी और वीडियो बना रही थी। लोग अंडे भी साथ लेकर आए थे। यह मुमकिन नहीं है कि कोई व्यक्ति दिनदहाड़े अंडे खरीदकर रास्ते में फेंकना शुरू कर दे। जाहिर है यह पहले से ही तय था।”
सिब्बल ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद से हम जिस तरह की हिंसा देख रहे हैं, उससे लगता है कि सरकार या उसके सहयोगियों ने तय कर लिया है कि अब हिंसा का समय है। टीएमसी नेता जहां भी जाएं, उन पर पूरी योजना के साथ पत्थर फेंके जाएं और उन्हें डराया-धमकाया जाए ताकि वे राजनीति छोड़ दें।”
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हमले की यह घटना पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ते तनाव को उजागर करती है। टीएमसी 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद अब विपक्ष में है, जबकि भाजपा नई सरकार के साथ कानून-व्यवस्था सुधारने का दावा कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी और अंडे फेंके जाने के दृश्य दिख रहे हैं।
वहीं, भाजपा विधायक अरूप कुमार दास ने सिंगूर में कहा, “क्या वह हमला था या फिर एक नाटक? तृणमूल कांग्रेस के पास अब उठाने के लिए कोई असली मुद्दा बचा ही नहीं है। भाजपा सरकार सत्ता में आ चुकी है और लोगों ने उन्हें नकार दिया है।”
आसनसोल से भाजपा विधायक अरिजीत रॉय ने कहा, “यह कोई हमला नहीं था। आज हम जो देख रहे हैं, वह 15 साल के उस शासन का नतीजा है जिसे मैं तानाशाही और सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए गए कथित अत्याचार मानता हूं। अभिषेक बनर्जी बंगाल के ‘आतंक के राजा’ हैं।” भाजपा नेताओं ने कहा कि टीएमसी अब जनता द्वारा अस्वीकृत हो चुकी है, इसलिए वह सहानुभूति बटोरने के लिए नाटक रच रही है।

