कोलकाता, 1 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हुए हमलों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के प्रति जनता में नाराजगी है और पार्टी के नेताओं को कुछ दिन बाहर नहीं निकलना चाहिए।
कल्याण बनर्जी पर हुए हमले को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि वह हमेशा ड्रामा करते रहते हैं। संसद में भी वे ड्रामा करते हैं। इतने वरिष्ठ नेता, वकील और सांसद हैं, लेकिन उनके व्यवहार को लेकर हमेशा शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। उनकी ही पार्टी की महिला नेता उन पर आरोप लगा रही हैं। उनकी शिकायत लोकसभा स्पीकर से भी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि उनके प्रति जनता में आक्रोश है। इसका ध्यान रखते हुए उन्हें फिलहाल बाहर नहीं जाना चाहिए। यह उनकी सुरक्षा के लिए है। इस तरह का ड्रामा उन्हें शोभा नहीं देता। वह अपने सिर को रगड़ रहे थे, लेकिन इसके बाद भी खून नहीं निकाल पाए।
सांसदों पर हुए हमले पर कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा कि मैं कपिल सिब्बल से कहता हूं कि आइए, पश्चिम बंगाल। रास्ते के किनारे कहीं बैठकर चाय पीजिए। देखिए, बंगाल के लोग किस तरह आपका स्वागत करते हैं। इन लोगों का समर्थन मत कीजिए। उन्होंने कहा कि क्या वह कभी चाय की दुकान पर बैठे हैं? या गांधी परिवार के पीछे घूमते-घूमते ही जिंदगी बिता देंगे।
सांसदों पर हुए हमले पर मदन मित्रा ने कहा कि इसको लेकर पूरे देश में प्रदर्शन होना चाहिए। इस पर दिलीप घोष ने कहा कि मैं मदन मित्रा से कहना चाहता हूं कि अपना भविष्य देखिए। कल्याण बनर्जी की तरफदारी मत करिए। आप वरिष्ठ नेता हैं। जिस तरीके से आप बात कर रहे हैं, कहीं इससे खराब स्थिति आपके साथ न हो जाए। जनता बहुत गुस्से में है, सावधानी से बातचीत कीजिए। हमने आपकी सुरक्षा का ठेका नहीं ले रखा है।
टीएमसी के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि टीएमसी वालों को मान लेना चाहिए कि उनके लिए अभी लॉकडाउन चल रहा है। अभी बाहर निकलना मतलब संघर्ष को बुलावा देना है। घर से बाहर न निकलें, इसी में हित है।
उन्होंने कहा कि मदन मित्रा का बयान सुनिए, किस तरह पुलिस को धमकी दे रहे हैं। काउंटिंग से पहले अभिषेक बनर्जी किस तरह के बयान देते थे। इन लोगों को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। किसी के साथ भी घटना हो सकती है, जनता अभी बहुत नाराज है।
कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि गैस बाहर से आ रही है, इसलिए दाम बढ़ रहे हैं। सरकार इसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। कंपनियों को नुकसान हो रहा है। कम से कम कीमत बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि हम टीएमसी नेताओं पर हुए हमले की निंदा करते हैं, लेकिन हमारे लोगों के साथ क्या-क्या नहीं हुआ है। जब हमारे लोगों की हत्याएं हो रही थीं, तब कौन बोलने आया था? तब कहा जा रहा था कि भाजपा कार्यकर्ता डिप्रेशन में हैं, इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं। मैं उनसे यही कहूंगा कि विपक्ष में रहकर भी मजा लीजिए। सरकार सबको सुरक्षा देगी, शांति कायम करेगी, लेकिन घर-घर जाकर सुरक्षा नहीं दे पाएगी।

