Monday, June 1, 2026
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घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर में मुंबई में नहीं रहने देंगेः मेयर रितु तावड़े

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मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने सोमवार की सुबह अपने सहयोगियों के साथ मानसून से पहले की तैयारियों का जायजा लिया। इस मौके पर मेयर ने प्रदूषण और मुंबई में हरियाली बढ़ाने और घुसपैठियों के बारे में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुंबई में घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर नहीं रहने देंगे।

मेयर रितु तावड़े ने कहा, “हमने मानसून से एक महीने पहले ही मुंबई की नालियों की सफाई शुरू कर दी थी। अगर हम समग्र सफाई कार्य को देखें, तो मुंबई भर की 80 फीसदी से अधिक नालियों की सफाई अब तक हो चुकी है। यदि कोई मामूली कमी या देरी है, तो उसे दूर करने के प्रयास जारी हैं। कुल मिलाकर, मुंबई की छोटी और बड़ी दोनों नालियों की 80 फीसदी से अधिक सफाई हो चुकी है।”

मुंबई में हरियाली को लेकर मेयर ने कहा, “मैं हमेशा से हरियाली के प्रति सकारात्मक रही हूं और हर बजट भाषण में मैंने कहा है कि मुंबई को यथासंभव हरित क्षेत्र बनाए रखना चाहिए। मुंबई का एक्यूआई बढ़ रहा है, और अगर हम इसे नियंत्रित करना चाहते हैं, तो हमें सभी उपलब्ध खुले स्थानों को संरक्षित करना होगा और वहां यथासंभव अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। मुंबई-वासी के प्रवेश द्वार पर बहुत बड़ी जमीन खाली है और यहां पर अतिक्रमण होने में देर नहीं लगेगी। इसलिए इस जमीन पर पौधे लगाने की योजना है, जिससे हरियाली बढ़े।”

मेयर रितु तावड़े कहती हैं, “यहां आए बांग्लादेशी घुसपैठियों को यहां से चले जाना चाहिए और अपने देश और शहरों में वापस लौट जाना चाहिए। मुंबई मुंबईवासियों का शहर है। मुंबई में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों का हमेशा स्वागत और समावेश रहा है। हालांकि, अगर अवैध बांग्लादेशी प्रवासी यहां आते हैं, शहर में घुसपैठ करते हैं और खुद को स्थापित करने की कोशिश करते हैं, तो हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देंगे।”

मई महीने के शुरुआत में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने शहर के विभिन्न नालों की सफाई कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। मेयर रितु तावड़े ने माहूल नाले के पास, वसंतदादा कॉलेज के सामने निरीक्षण के दौरान बताया कि यह इलाका बीएमसी के जोन 5 के अंतर्गत आता है, जहां बड़े पैमाने पर नाले की गंदगी हटाने का काम किया जाना है। इस स्थान पर लगभग 3,364 किलो मीट्रिक टन नाले की गंदगी निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम समय पर शुरू नहीं किया गया। अब तक केवल 869 मीट्रिक टन नाले की गंदगी ही हटाई जा सकी है, जो तय लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।

मेयर ने इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी करना बेहद जरूरी है, ताकि शहर में जलभराव की समस्या से बचा जा सके।