पटना, 1 जून (आईएएनएस)। नीट परीक्षा विवाद, सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया और तीन-भाषा फॉर्मूले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक को जनता से जुड़ा अहम कदम बताते हुए जदयू नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “संसदीय स्थायी समिति की बैठक में नीट, सीबीएसई और तीन-भाषा फॉर्मूला जैसे राष्ट्रीय स्तर के गंभीर मुद्दों पर चर्चा हो रही है। ये जनता से जुड़े बेहद अहम मामले हैं। समिति पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ इन मुद्दों पर आगे का रास्ता निकालेगी।”
राजीव रंजन प्रसाद ने छात्रों से अपील की कि जो अभ्यर्थी मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कोई चिंता या आपत्ति रखते हैं, वे अपनी शिकायतें औपचारिक रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने कहा, “यह छात्रों के लिए एक अवसर है। एनटीए द्वारा उनकी शिकायतों का समाधान पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।”
जदयू सांसद संजय कुमार झा ने नीट मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, “यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। परीक्षा देकर जब छात्र घर लौटता है और उसे पेपर लीक या अनियमितता की खबर मिलती है, तो पूरा परिवार दुखी और परेशान हो जाता है। हम सभी परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरे हैं। परीक्षा के बाद आमतौर पर मानसिक राहत महसूस होती है, लेकिन इस बार छात्रों को वह राहत नहीं मिली।”
संजय कुमार झा ने सरकार की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर सक्रिय रुख अपनाया है और किसी भी बात को छिपाने या दबाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बता दें कि संसदीय स्थायी समिति 1 और 2 जून को नीट पेपर लीक, एनटीए की कार्यप्रणाली, पेन-पेपर और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) मोड, सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग तथा तीन-भाषा फॉर्मूले के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा कर रही है।

