Monday, June 1, 2026
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गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर राष्ट्रपति ने जताया शोक, बोलीं- कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

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नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारतीय संगीत जगत की मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार को मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके निधन पर दुख प्रकट किया है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय संगीत को समृद्ध करने वाली सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हिंदी और मराठी के साथ-साथ कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपने मधुर गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकप्रिय गीतों तक, उनका योगदान अत्यंत व्यापक और प्रभावशाली रहा है। उन्हें पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। मैं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन को लेकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने गायिका के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया।”

पीएम ने लिखा, “उन्होंने अपने गीतों के जरिए संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। ऊं शांति।”

सुमन कल्याणपुर भारतीय संगीत जगत की उन गायिकाओं में से एक थीं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर को अपनी गायकी से यादगार बना दिया। उन्होंने कई सदाबहार गीतों को अपनी आवाज से अमर बनाया और संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास पहचान स्थापित की। उनकी आवाज की मिठास और सुरों की गहराई ने उन्हें भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सम्मानित गायिकाओं में शामिल किया।

उनके लोकप्रिय गीतों में ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गीत शामिल हैं। सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘पसंत आहे मुलगी’ से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत ‘भातुकलीच्या खलमांडिला’ माना जाता है। वर्ष 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल था। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए।