कोलकाता, 1 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी असंतोष और विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी ने अपने दो विधायकों-ऋतोब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया है।
ऋतोब्रत बनर्जी उलुबेरिया पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, जबकि संदीपन साहा एंटाली सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। निष्कासन के बाद संदीपन साहा ने पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में उन लोगों के हस्ताक्षर शामिल किए गए, जो संबंधित बैठक में मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संदीपन साहा ने कहा कि इस विवाद में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का नाम इसलिए सामने आ रहा है, क्योंकि उन्होंने विधायकों की सूची पर हस्ताक्षर किए थे। उनके अनुसार, जिस सूची को मंजूरी दी गई, उसमें कई त्रुटियां थीं और उसकी जांच एवं सत्यापन की जिम्मेदारी भी अभिषेक बनर्जी की थी। संदीपन साहा का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई, जिसके कारण विवाद पैदा हुआ।
इस मुद्दे को लेकर हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी चर्चा हुई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी विधायक संदीपन साहा और ऋतोब्रत बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नेता प्रतिपक्ष के चुनाव से संबंधित टीएमसी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में कई प्रकार की अनियमितताएं और प्रक्रियागत गड़बड़ियां थीं।
वहीं, राज्य की राजनीति हाल के दिनों में अन्य घटनाओं के कारण भी चर्चा में रही है। कुछ समय पहले अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की घटना सामने आई थी। इसके एक दिन बाद ही टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी पर भी हमला होने की खबर आई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राज्य की सियासत को गर्मा दिया है।
लोगों का कहना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप टीएमसी के लिए चुनौती बन सकते हैं। इन घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नाराज बताई जा रही हैं।

