Monday, June 1, 2026
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शीत्सांग में पहली जैव विविधता सर्वेक्षण और प्रजाति सूचीकरण परियोजना शुरू होगी

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बीजिंग, 1 जून (आईएएनएस)। शीत्सांग सरकार के कार्यकारी उपाध्यक्ष तेनपा ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रदेश में पहली जैव विविधता आधारभूत सर्वेक्षण और प्रजाति सूचीकरण परियोजना शुरू की जाएगी।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य हिम तेंदुआ, तिब्बती मृग, विशाल सरू और तिब्बती यू (एक सदाबहार शंकुधारी वृक्ष) सहित स्थलीय वनस्पतियों और वन्य जीवों के 12 प्रमुख समूहों के वितरण, संख्या और संरक्षण स्थिति का व्यापक आकलन करना है। इसके तहत हजारों प्रजातियों का पंजीकरण किया जाएगा तथा विशेषताओं पर आधारित जैव विविधता सूची और संरक्षण मूल्यांकन प्रणाली स्थापित की जाएगी।

तेनपा ने बताया कि मृग, काले गर्दन वाले सारस और लाल हिरण जैसी प्रमुख प्रजातियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में शीत्सांग में राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित दुर्लभ वनस्पतियों की 169 तथा वन्य जीवों की 246 प्रजातियां दर्ज हैं। यह क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और उसके अद्वितीय पारिस्थितिक महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि शीत्सांग ‘शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश जैव विविधता संरक्षण विनियम’ तैयार करने की दिशा में कार्य करेगा। इसके तहत प्रत्येक प्रजाति, वन, घासभूमि, आर्द्रभूमि और रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण संबंधी दायित्वों को कानूनी रूप से स्पष्ट किया जाएगा। इससे केवल जागरूकता आधारित संरक्षण प्रयासों को कानूनी रूप से बाध्यकारी उपायों में बदला जा सकेगा।

तेनपा ने बताया कि न्यिंगची राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। साथ ही, राष्ट्रीय उद्यानों और प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों को आधार बनाकर तथा विभिन्न प्राकृतिक पार्कों को पूरक मानते हुए एक समग्र प्राकृतिक संरक्षण प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि पठारी क्षेत्र की जैव विविधता और पारिस्थितिक संपदा की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि शीत्सांग जैव विविधता सर्वेक्षण, मूल्यांकन, निगरानी, प्रारंभिक चेतावनी और नियामक प्रवर्तन संबंधी अपनी क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से मजबूत करेगा। इससे प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण की शासन व्यवस्था और प्रबंधन क्षमताओं के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)