बेरूत, 2 जून (आईएएनएस)। लेबनान के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि हिज्बुल्लाह ने अमेरिका के एक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में इजरायल के साथ ‘आपसी हमलों को रोकने’ की बात कही गई है। यह जानकारी लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में दी गई, जिसमें लेबनान के अमेरिका स्थित दूतावास का हवाला दिया गया है।
यह बयान सोमवार (स्थानीय समय) को जारी किया गया। इसमें कहा गया कि यह पुष्टि उस फोन कॉल के बाद हुई, जो लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई थी। इस बातचीत में लेबनान की स्थिति और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा हुई।
दूतावास के अनुसार, अमेरिकी प्रस्ताव में कहा गया है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे। इस प्रस्ताव के तहत, बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर इजरायल के हवाई हमले रुक जाएंगे। बदले में हिज्बुल्लाह इजरायल पर अपने हमले बंद करेगा। बाद में इस समझौते को पूरे लेबनान तक लागू करने की योजना है।
दूतावास ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमदेह मौवाड को बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस प्रस्ताव पर सहमति ले ली है।
इसके बाद मौवाड ने यह जानकारी राष्ट्रपति आउन को दी, जिन्होंने आगे यह बात हिज्बुल्लाह तक पहुंचाई। बयान के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को होने वाली बातचीत में इस समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
वहीं, ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने सोमवार को रिपोर्ट किया कि ईरान ने इजरायल की लेबनान में कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ मध्यस्थों के जरिए होने वाली बातचीत रोक दी है।
इसी दिन, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि उन्होंने बेरूत के दहिये इलाके पर हमले के आदेश दिए हैं। यह इलाका हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। यह कदम हिज्बुल्लाह की ओर से इजरायली सैन्य ठिकानों पर बढ़ते रॉकेट और ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया।
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बयान में कहा कि एक इजरायली सैन्य डॉक्टर की मौत हो गई और सात सैनिक घायल हुए, जब हिज्बुल्लाह की ओर से एक साथ दो विस्फोटक ड्रोन दागे गए।

