Tuesday, June 2, 2026
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गाजियाबाद एनकाउंटर : एनडीए नेताओं का अबू आजमी पर पलटवार, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस निष्पक्ष होकर काम करती है’

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नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने मंगलवार को महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और विधायक अबू आजमी की गाजियाबाद पुलिस पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बिना किसी भेदभाव के काम करती है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से राज्य में एक सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिली है।

यह राजनीतिक बयानबाजी तब शुरू हुई जब अबू आजमी ने उस एनकाउंटर पर सवाल उठाया, जिसमें गाजियाबाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी मारा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कार्रवाइयां धार्मिक विचारों से प्रभावित होती हैं और पुलिस की इस कार्रवाई को ‘बेहद गलत’ बताया।

आजमी ने कहा, “आमतौर पर, एनकाउंटर के दौरान गोलीबारी नहीं होती, सिवाय कुछ दुर्लभ मामलों के। लेकिन यह एक चलन बन गया है। अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। कोई गंभीर अपराधी है, तो उसे मौत की सजा दी जाए, लेकिन, इसके लिए एक संविधान है। अपराधी को गिरफ्तार करो, अदालत में उसका जुर्म साबित करो, और फिर सजा दी जाती है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में यह सब धर्म के आधार पर किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई किसी मुस्लिम या यादव को मारता है, तो एनकाउंटर नहीं होते। लेकिन, अगर किसी हिंदू को कोई मुस्लिम या यादव मारता है, तो उन्हें जल्द से जल्द एनकाउंटर में मार गिराया जाता है। अपराधी तो अपराधी होता है। चाहे वह मुस्लिम हो, हिंदू हो, या ईसाई। हर अपराधी को सजा मिलनी चाहिए।”

इन आरोपों का जवाब देते हुए, भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश पुलिस के काम का बचाव किया और आजमी की आलोचना के आधार पर ही सवाल उठाया।

दिनेश शर्मा ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा, “मैं आजमी से पूछना चाहूंगा कि अगर कोई आपके सामने आकर गोली चलाना शुरू कर दे, तो क्या आप कार्रवाई करने से पहले यह पूछेंगे कि वह हिंदू है या मुस्लिम? क्या पुलिस उसके बाद ही गोली चलाएगी? पुलिस को हथियार क्यों दिए गए हैं? उन्हें अपनी सुरक्षा और समाज की रक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं। अगर कोई अपराधी लगातार पुलिस पर गोली चला रहा है, तो पुलिस के पास क्या विकल्प बचता है?”

उन्होंने कहा कि राज्य में कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​बिना किसी भेदभाव के काम करती हैं और उनकी कार्रवाइयों से जनता का भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है। मेरा मानना ​​है कि उत्तर प्रदेश पुलिस निष्पक्ष होकर काम करती है, और अपराधियों में उसका खौफ है। साथ ही, मुझे लगता है कि पूरे उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों के लिए एक सकारात्मक माहौल बना है।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी समाजवदी पार्टी (सपा) नेता की टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय, प्रभावी कानून व्यवस्था का समर्थन करने पर ध्यान देना चाहिए।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए प्रसाद ने कहा, “तेजस्वी यादव और अबू आजमी जैसे नेता हमेशा अपराधियों के प्रति इतने हमदर्द क्यों नजर आते हैं? यह चिंता का विषय है। अबू आजमी को ऐसे बयान देने से पहले, उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का अध्ययन करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से देखने के बजाय, विपक्ष को उस प्रभावी कानून-व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्थापित किया गया है।”

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस सुझाव को खारिज कर दिया कि एनकाउंटर को धर्म से जोड़ा जा सकता है, और तर्क दिया कि अपराध की कोई जाति या धार्मिक पहचान नहीं होती।

नीरज कुमार ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा, “एनकाउंटर धर्म के आधार पर कैसे किए जा सकते हैं? विकास दुबे का ब्लड ग्रुप क्या था? क्या कोई अपराधी या गैंगस्टर किसी खास जाति या धर्म का होता है? ऐसे बयानों से सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को ही फायदा होता है। अपराधी तो अपराधी ही होता है। अब एनकाउंटर की राजनीति बंद होनी चाहिए।”