Tuesday, June 2, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में एलएलबी छात्र गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए...

नोएडा श्रमिक हिंसा मामले में एलएलबी छात्र गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए श्रमिकों को उकसाने का आरोप

0
4

नोएडा, 2 जून (आईएएनएस)। नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 13 अप्रैल को हुई श्रमिक हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नामी विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, योगेश मीणा इस पूरे घटनाक्रम की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। वह मूलरूप से राजस्थान के जयपुर का निवासी है और कथित रूप से रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (आरडब्ल्यूपीआई) से भी जुड़ा हुआ है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि श्रमिक हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश रची गई थी। जांच के दौरान पुलिस को कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर योगेश मीणा की गिरफ्तारी की गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से श्रमिकों के बीच आक्रोश और भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश की।

जांच में यह भी सामने आया है कि हिंसा के दौरान और उसके बाद योगेश मीणा द्वारा कई व्हाट्सएप ग्रुपों में यह भ्रामक प्रचार किया गया कि नोएडा पुलिस के एक अधिकारी का चालक श्रमिकों के संपर्क में है और आंदोलन से जुड़े लोगों को उकसा रहा है। पुलिस के अनुसार यह दावा पूरी तरह झूठ और साजिश का हिस्सा था।

इस मामले में पुलिस पहले ही अनिल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसे कथित तौर पर पुलिस अधिकारी का चालक बताया जा रहा था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि अनिल का किसी भी पुलिस अधिकारी से कोई संबंध नहीं था और वह किसी अधिकारी का चालक नहीं था। हालांकि, जांच में यह जरूर सामने आया कि अनिल और योगेश मीणा के बीच लगातार संपर्क था। हिंसा वाले दिन भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक सूचनाओं का असर बड़ी संख्या में श्रमिकों पर पड़ा, जिसके बाद कई औद्योगिक क्षेत्रों में हिंसक घटनाएं हुईं। उपद्रवियों ने विभिन्न फैक्ट्रियों, कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की। कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस जांच के मुताबिक हिंसा के दौरान सैकड़ों कंपनियां प्रभावित हुईं और करोड़ों रुपए की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा भड़काने और अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

— आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी