Tuesday, June 2, 2026
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झारखंड में ओला-उबर मॉडल पर शुरू होगी एम्बुलेंस सेवा, एआई आधारित हेल्थ कॉल सेंटर बनेंगे

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रांची, 2 जून (आईएएनएस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक आधारित और अधिक जवाबदेह बनाने की योजनाओं को लेकर मंगलवार को आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को ओला-उबर मॉडल पर राज्यव्यापी एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर सौंपने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही एआई आधारित कॉल सेंटर स्थापित करने, एएनएम-जीएनएम और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति तथा राज्य की रेफरल व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

झारखंड मंत्रालय में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी कई घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने विभाग को ऐसी व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया, जिसके तहत लोगों को मोबाइल आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए त्वरित एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने अफसरों को स्वास्थ्य विभाग को एएनएम, जीएनएम और विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी दूर करना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की मौजूदा रेफरल व्यवस्था का ऑडिट कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। साथ ही आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों के कामकाज की भी समीक्षा कराने को कहा। उनका कहना था कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निदेशालयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश देते हुए सीएम सोरेन ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताएं अलग हैं। इसलिए दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति और कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्यभर में विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित करने, एबीएचए कार्ड अभियान को स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक विस्तार देने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक मेडिकल तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने, ब्लड बैंक लाइसेंसिंग प्रक्रिया में तेजी लाने और रक्त उपलब्धता प्रणाली को ऐप आधारित बनाने का निर्देश दिया। साथ ही सरकारी कर्मियों और पुलिसकर्मियों के बीच नियमित रक्तदान शिविर आयोजित कराने को कहा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रांची सदर अस्पताल में स्थापित सेंट्रल रेडियोलॉजी हब की सराहना करते हुए इसे सरकारी क्षेत्र में देश का पहला ऐसा मॉडल बताया, जिसके माध्यम से राज्य के सभी जिलों को जोड़ा गया है। समीक्षा बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी मौजूद रहे।