लखनऊ, 3 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। सबसे अहम निर्णय विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत मानचित्रों के विनियमतीकरण का रहा, जिससे लंबे समय से चली आ रही वैधता संबंधी अनिश्चितता समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
इसके साथ ही आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास, उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन तथा कारागारों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति को भी मंजूरी दी गई। जानकारी देते हुए प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत मानचित्रों का विनियमतीकरण किया जाएगा। साथ ही ऐसे विकास क्षेत्रों, विस्तारित विकास क्षेत्रों और विनियमित क्षेत्रों में, जहां अभी तक महायोजना तैयार नहीं हुई है, वहां भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से हजारों भू-स्वामियों, भवन निर्माताओं और नागरिकों को राहत मिलेगी तथा शहरी विकास गतिविधियों में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के विकास के लिए वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की। योजना के अंतर्गत इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल 355.06 करोड़ रुपए तक की सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है, जबकि प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहरों का सुनियोजित विस्तार सुनिश्चित करना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 3500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी। सरकार के अनुसार बदलते वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य, निवेशकों की अपेक्षाओं और भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है। संशोधित नीति प्रदेश को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाएगी।
सरकार का दावा है कि संशोधनों से निवेशकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, जबकि राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। मानवाधिकार संरक्षण और कारागार प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” को भी मंजूरी प्रदान की। नई व्यवस्था के तहत कारागारों में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों या निकटतम परिजनों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान अधिक त्वरित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। अभी तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान किया जाता था, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण देरी होती थी।
नई नीति के तहत समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे सभी मामलों में एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन हो सके। कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, मक्का खरीद नीति, पांच नए जिला कारागारों के निर्माण, राज्य विधि अधिकारियों की फीस वृद्धि तथा मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं।

