Thursday, June 4, 2026
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2027 तक बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा राजस्थान, सीएम भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

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जयपुर, 3 जून (आईएएनएस)। राजस्थान को वर्ष 2027 तक बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि देश के अग्रणी बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।

बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों, उद्योगों और आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तय कार्ययोजनाओं का पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ पालन करने को कहा। उन्होंने राज्य के बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रहे सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 26 जिलों में उपलब्ध यह सुविधा जल्द से जल्द बाकी जिलों तक भी पहुंचाई जाए।

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना का अधिकतम लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी डिस्कॉम के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि पूरे राज्य में बिजली की उपलब्धता सुचारु बनी रहे।

उन्होंने जोधपुर डिस्कॉम में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को तकनीक आधारित बनाने का जिक्र किया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 2 जून को राज्य के तापीय बिजलीघरों ने 7,171 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया। वहीं मई 2025 में राजस्थान को अपनी कुल बिजली जरूरत का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा बाहरी स्रोतों से खरीदना पड़ता था, जो मई 2026 में घटकर केवल 2 प्रतिशत रह गया है।

अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी क्षमता के 60 ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) स्थापित किए गए हैं, जबकि 151 नए जीएसएस पर कार्य जारी है। इसी अवधि में 33 केवी क्षमता के 444 सब-स्टेशन शुरू किए गए हैं और 211 अन्य सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

बैठक में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, ऊर्जा सचिव आरती डोगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।