Thursday, June 4, 2026
SGSU Advertisement

    थिंकटेक इंडिया के सीईओ की गिरफ्तारी के बाद 700 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार, वेतन और जमा राशि फंसी

    0
    6

    नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। पुणे स्थित आईटी कंपनी थिंकटेक इंडिया के 700 से अधिक कर्मचारी कथित तौर पर कंपनी के अचानक संचालन बंद कर देने के बाद बेरोजगार हो गए हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारियों को कार्यालयों से बाहर कर दिया गया और वे अब अपने बकाया वेतन तथा जमा की गई राशि वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    रिपोर्टों के मुताबिक, पुणे के हिंजेवाड़ी आईटी हब में स्थित थिंकटेक इंडिया के अचानक बंद होने से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले और धोखाधड़ी की जांच के तहत पुलिस ने कंपनी के सीईओ हर्षल ठाकरे को गिरफ्तार कर लिया है।

    यह मामला सबसे पहले 25 वर्षीय एक इंटर्न द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने कंपनी की वित्तीय स्थिति और कारोबारी गतिविधियों की व्यापक जांच शुरू की।

    अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद 30 से अधिक अन्य कर्मचारी और इंटर्न भी पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में वेतन न मिलने, स्टाइपेंड रोके जाने और कर्मचारियों से ली गई राशि वापस न करने जैसे आरोप शामिल हैं।

    कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने अप्रैल में बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक अपना संचालन बंद कर दिया। कई कर्मचारी जब कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने पाया कि दफ्तर बंद है और कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।

    जांच एजेंसियों ने इस मामले में कंपनी के ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट प्रमुख और एक मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

    रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारियों की शिकायत है कि कंपनी ने कर्मचारियों और इंटर्न से लगभग 15,000 रुपए की सुरक्षा जमा राशि ली थी। कंपनी का दावा था कि यह राशि आधिकारिक लैपटॉप और अन्य उपकरणों के लिए आवश्यक है।

    कर्मचारियों का कहना है कि शुरुआत में कंपनी समय पर वेतन और स्टाइपेंड देती थी, जिससे कर्मचारियों का भरोसा बना। लेकिन इस वर्ष जनवरी से भुगतान पूरी तरह बंद हो गया।

    कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में कंपनी ने बकाया वेतन के बदले चेक जारी किए, लेकिन उनमें से कई चेक बाउंस हो गए। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति को लेकर और गंभीर सवाल खड़े हो गए।

    पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के हिस्से के रूप में कंपनी के अतिरिक्त वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़ी जानकारी की भी पड़ताल की जा रही है।