यूनाइटेड नेशंस, 4 जून (आईएएनएस)। यूएन ह्यूमैनिटेरियन्स ने बताया कि इजरायल के एक नए चेकपॉइंट पर हुई देरी के बावजूद मानवीय सहायता से जुड़े साझेदारों ने एक ही दिन में गाजा के लिए जरूरी सामान के 1,000 से ज्यादा पैलेट इकट्ठा किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को केरम शालोम/करम अबू सलेम बॉर्डर क्रॉसिंग पर इकट्ठे किए गए इन पैलेट्स में स्वच्छता किट, तिरपाल, कंबल और दवाइयां शामिल थीं।
ओसीएचए ने कहा कि दक्षिणी गाजा में हाल ही में बनाए गए नए चेकपॉइंट के जरिए मानवीय सामान लेने के लिए केरम शालोम जाने वाले काफिलों को अभी भी काफी देरी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कल नए चेकपॉइंट पर भीड़ के कारण छह फ्यूल टैंकर केरम शालोम तक नहीं पहुंच पाए, जिससे वहां से ईंधन लाने की मात्रा काफी कम हो गई। ओसीएचए ने कहा कि ईंधन की लगातार सप्लाई बहुत जरूरी है, ताकि अस्पताल, पानी साफ करने वाले प्लांट (डिसैलिनेशन प्लांट) और बाकी जरूरी सेवाएं चलती रहें, क्योंकि वहां बिजली की सामान्य व्यवस्था काम नहीं कर रही है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, केरम शालोम/करम अबू सलेम क्रॉसिंग को गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने का एकमात्र रास्ता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ओसीएचए ने बताया कि मई के आखिरी दो हफ्तों में लगभग 100 मरीज और 130 से ज्यादा केयरगिवर गाजा से बाहर निकाले गए। इन्हें डब्ल्यूएचओ और अन्य साझेदारों की मदद से केरम शालोम और राफा क्रॉसिंग के जरिए निकाला गया।
उन्होंने बताया कि अभी भी हजारों मरीजों को खास इलाज की जरूरत है। वेस्ट बैंक और ईस्ट जेरूसलम सहित दूसरे मेडिकल सेंटर्स तक मरीजों को भेजने के रास्ते अभी भी इजरायली अधिकारियों की ओर से बंद हैं।
ओसीएचए ने कहा, “गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं को तेजी से बढ़ाने की जरूरत है, और इसके लिए जरूरी है कि ज्यादा मेडिकल उपकरण और दवाइयां वहां पहुंचाई जाएं।”
पानी से जुड़े मानवीय साझेदारों ने बताया कि मई में गाजा में कुल पानी उत्पादन, दो महीने पहले की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम हो गया है। इसकी मुख्य वजह रसायनों और जरूरी पार्ट्स की कमी बताई गई है।
ओसीएचए ने एक बार फिर अपील की है कि पानी और दूसरी जरूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए स्पेयर पार्ट्स, पंप, पाइप, इंजन ऑयल और पानी साफ करने वाले केमिकल्स की लगातार सप्लाई गाजा तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को मदद मिल सके।

