Friday, June 5, 2026
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शिवकुमार के लिए पार्टी के आंतरिक समीकरणों को संतुलित करना सबसे बड़ी चुनौती: कर्नाटक भाजपा

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बेंगलुरु, 4 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के आंतरिक समीकरणों को संभालना और विभिन्न नेताओं के बीच संतुलन बनाना मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए आने वाले वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती होगी।

बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए विजयेंद्र ने दावा किया कि नवगठित मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की तुलना में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का प्रभाव अधिक दिखाई देता है।

उन्होंने आरोप लगाया, “डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है और अपनी लंबे समय से चली आ रही महत्वाकांक्षा को पूरा किया है। लेकिन जब आप मंत्रियों की सूची देखते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह डीके शिवकुमार का मंत्रिमंडल नहीं है, बल्कि यह सिद्दारमैया का मंत्रिमंडल है।”

विजयेंद्र ने दावा किया कि सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले ही राजनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी थीं, खासकर पिछड़े वर्गों पर रिपोर्ट को आगे बढ़ाकर, जो उनके अनुसार अब मौजूदा प्रशासन की परीक्षा लेगी।

उन्होंने कांग्रेस सरकार के तीन साल के शासन की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह विकास देने में विफल रही और तुष्टीकरण की राजनीति पर केंद्रित थी।

उन्होंने कहा, “पिछले तीन वर्षों में राज्य में कोई खास विकास नहीं हुआ है। सरकार अल्पसंख्यक तुष्टीकरण पर ही केंद्रित रही है। अगले दो वर्षों में आर्थिक स्थिति और सुरक्षा उपायों को संभाला जा सकेगा या नहीं, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।”

विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री को सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर मंत्रियों और विधायकों का प्रबंधन करने सहित कई बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री के लिए यह कोई हनीमून पीरियड नहीं है। हम जनता के सामने सरकार की नाकामियों को उजागर करना जारी रखेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपने संगठन को मजबूत करेगी और भविष्य में राज्य में अपनी सरकार बनाने की दिशा में काम करेगी।

मेकेदातु परियोजना से संबंधित सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए पदयात्रा जैसे विरोध प्रदर्शन करना आसान है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के पास मुद्दों को हल करने के लिए पर्याप्त समय था।

आयोग की राजनीति से जुड़े आरोपों पर विजयेंद्र ने कहा कि समय ही जवाब देगा।

उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक नेता प्रचार के लिए अक्सर उनके नाम का उल्लेख करते हैं, लेकिन वह ऐसी टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेते हैं।

उन्होंने कहा, “राज्य अध्यक्ष के रूप में मैं संगठन को मजबूत करूंगा और कर्नाटक में भाजपा को सत्ता में वापस लाने की दिशा में काम करूंगा।”

राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व राज्य के हितों के आधार पर यह तय करेगा कि किसे मनोनीत किया जाएगा।