Friday, June 5, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति बिना स्पष्ट विचारधारा वाले किसी आंदोलन या संगठन का समर्थन नहीं करता...

बिना स्पष्ट विचारधारा वाले किसी आंदोलन या संगठन का समर्थन नहीं करता : मनोज झा

0
3

नई दिल्ली, 4 जून (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की बुकिंग से जुड़े वायरल पत्र पर आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जगह उपलब्ध कराई थी, न कि किसी आंदोलन या संगठन का समर्थन किया था।

मनोज झा ने कहा, “किसी भी ऐसी घटना के बारे में, जिसकी विचारधारा स्पष्ट रूप से परिभाषित न हो, मैं इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट हूं। 2012-13 के आंदोलन के दौरान भी मैंने लिखा था कि ऐसे आंदोलनों पर, जिनका वैचारिक ढांचा स्पष्ट न हो, कोई टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।”

उन्होंने वायरल पत्र की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा, “आपने मेरा पत्र देखा है। अगर आप उसकी सामग्री पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि इसमें एक पत्रकार शामिल हैं, जिनसे मैं सोशल मीडिया पर जुड़ा हुआ था, मेरे कुछ दिल्ली विश्वविद्यालय के सीनियर सहकर्मी भी हैं। उस समय मैं अपने पिता के साथ अस्पताल में था। मुझे बस इतना बताया गया कि उन्हें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी है। मैं आमतौर पर हर दूसरे या तीसरे दिन किसी न किसी सिविल सोसाइटी समूह के लिए ऐसा काम करता रहता हूं।”

मनोज झा ने आगे कहा कि पत्र में साफ-साफ प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा, “मैं देख रहा हूं कि कई सहकर्मी तथ्यों की पुष्टि किए बिना और पत्र की असली सामग्री पढ़े बिना मेरे इरादों पर सवाल उठा रहे हैं।”

मनोज झा ने यह भी स्वीकार किया कि इस विवाद से एक सकारात्मक नतीजा निकला है। उन्होंने कहा, “भविष्य में यदि कोई भी जगह की गुजारिश लेकर आएगा, तो अब मैं उसकी ठीक से जांच-पड़ताल करूंगा।”

आरजेडी सांसद ने कहा, “इस मामले पर मेरा रुख बिल्कुल साफ है, मैं इस बारे में पहले ही लिख चुका हूं। जब तक किसी संगठन की विचारधारा साफ तौर पर तय न हो जाए, तब तक उसके बारे में टुकड़ों में टिप्पणी करना सही नहीं है। जहां तक उस राजनीतिक संगठन की बात है, उसकी विचारधारा के बारे में हमारी समझ अभी भी साफ नहीं है।”

तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता बनने पर आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “यह सिर्फ तृणमूल कांग्रेस या पश्चिम बंगाल के लिए ही संकट नहीं है। यह देश की लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक संकट है। महाराष्ट्र में दो राजनीतिक दलों के साथ जो हुआ, उसे ही पश्चिम बंगाल में और भी ज्यादा परिष्कृत रूप में दोहराया गया है।”