Saturday, June 6, 2026
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असम सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा

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गुवाहाटी, 5 जून (आईएएनएस)। असम सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने का फैसला किया है। इसके साथ ही डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए एक विशेष विकास प्राधिकरण के गठन को भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है।

उन्होंने कहा कि अब तक कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। बढ़ा हुआ डीए तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने डिब्रूगढ़ को असम की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए डिब्रूगढ़ सेकेंड स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के गठन को भी मंजूरी दे दी है।

यह प्राधिकरण डिब्रूगढ़ क्षेत्र के नियोजित विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार की निगरानी करेगा। सरकार ने इसके अधिकार क्षेत्र की भी रूपरेखा तय कर दी है, जो मुख्य रूप से डिब्रूगढ़ जिले के भीतर रहेगा।

नई प्राधिकरण की अध्यक्षता डिब्रूगढ़ के आयुक्त करेंगे। इसमें जिला परिषद, नगर निगम और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा दैनिक प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति भी की जाएगी।

डिब्रूगढ़ को दूसरी राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह राशि सड़क, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य सामान्य विकास परियोजनाओं पर होने वाले नियमित सरकारी खर्च से अलग होगी।

उन्होंने कहा, “500 करोड़ रुपये का यह विशेष पैकेज केवल डिब्रूगढ़ को दूसरी राज्य राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए खर्च किया जाएगा और इसे अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से उपयोग किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि फिलहाल डिब्रूगढ़ के विधायक प्रशांत फुकन को विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया जाएगा। बाद में यह पद प्राधिकरण की औपचारिक संरचना का हिस्सा बन जाएगा।

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा और ऊपरी असम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे तथा विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।