न्यू चंडीगढ़, 6 जून (आईएएनएस)। भारत के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने कहा कि टी20 क्रिकेट से टेस्ट फॉर्मेट में आने के दौरान उन्होंने जानबूझकर अपने नेचुरल स्ट्रोकप्ले पर रोक नहीं लगाई। इसी सोच से मुझे अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के पहले दिन शतक बनाने में मदद मिली।
राहुल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, “कभी-कभी आप बैठकर बहुत ज्यादा विश्लेषण करते हैं और T20 क्रिकेट से बिल्कुल अलग खेलने की कोशिश करते हैं। मैंने जानबूझकर कोशिश की कि मैं अपने शॉट्स को रोकूं नहीं, बल्कि यह भी जानूं कि मैं इस विकेट पर किस तरह के गेंदबाजों के खिलाफ किस तरह के शॉट्स लगा सकता हूं।”
केएल ने कहा, “आक्रामक सोच टेस्ट-मैच के मुताबिक अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना तैयारी के लिए जरूरी था। यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैंने इस टेस्ट मैच से पहले पिछले हफ्ते सोचा था। मैंने यही करने की कोशिश की। सुबह, मुझे लगता है कि मैंने कुछ शॉट्स ज्यादा खेले। इससे मुझे खुद पर गुस्सा नहीं आया।”
दाएं हाथ बल्लेबाज ने कहा, “मुझे शॉट्स खेलने और गेंद की मेरिट के हिसाब से खेलने में कोई दिक्कत नहीं थी। मैं यही ज्यादा करने की कोशिश कर रहा था। मैं सच में बहुत खुश हूं कि आईपीएल की समाप्ति के बाद मुझे बीच में कुछ समय मिला और मैं टी20 मोड से टेस्ट क्रिकेट वाले अंदाज में आ सका।”
पिच के बारे में राहुल ने कहा, “यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। यह सच में बहुत धीमा और नीचा विकेट था, जिसकी हमें उम्मीद थी। हमने यहां कुछ दिनों की ट्रेनिंग की, और यह काफी हद तक ऐसा ही था। मुझे बीच में समय बिताने और गेंद को अपने पास आने देने की आदत डालनी पड़ी। यहां बिताए कुछ दिनों से सच में मदद मिली, और मैंने वही ट्रेनिंग गेम में भी जारी रखी और बीच में आउट होकर कुछ अच्छा पुराना टेस्ट क्रिकेट खेलने का मजा लिया।”
भारत ने शनिवार को शुरू हुए टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 368 रन बनाए। केएल राहुल ने 100 रन बनाए। यह उनका 12वां टेस्ट शतक था। गिल 103 और पंत 50 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

