नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस) केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के समक्ष छात्रों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें प्रत्येक राज्य में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल हैं। इनके अलावा देश के प्रत्येक जिले में खेल उत्कृष्टता केंद्र एवं मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की बात भी कही गई है।
वहीं, मंत्रालय ने पंजाब विश्वविद्यालय में ओलंपिक के स्तर वाले सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की मांग को स्वीकार कर लिया है। दरअसल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री को देश में खेल संस्कृति के विकास, युवाओं के सशक्तीकरण तथा खिलाड़ियों के हितों से संबंधित विभिन्न सुझावों पर ज्ञापन सौंपा।
इन सुझावों में 2036 ओलंपिक की तैयारियों हेतु राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने की मांग की गई है। ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभा खोज अभियान चलाने, खिलाड़ियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, स्पोर्ट्स सामग्री बैंक, राष्ट्रीय डिजिटल एथलीट पोर्टल तथा ‘माई भारत’ वालंटियर्स के मानदेय में वृद्धि सहित अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से चर्चा की प्रमुख उपलब्धि के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय में ओलंपिक मानक वाले सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की स्थापना की मांग को स्वीकार करना शामिल रहा। मुलाकात के दौरान सरकार द्वारा इसके निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई।
चर्चा के दौरान बताया गया कि आगामी दो से तीन महीनों में इस परियोजना पर ठोस प्रगति देखने को मिलेगी। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में ‘स्पोर्ट्स सामग्री बैंक’ स्थापित करने के सुझाव की भी सराहना करते हुए इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक पहल किए जाने का आश्वासन दिया गया। विद्यार्थी परिषद के मुताबिक भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी सामर्थ्य है और विकसित भारत के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है।
यदि आधुनिक खेल अवसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, समान अवसर तथा खिलाड़ियों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तो भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। अभाविप ने सरकार द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासनों का स्वागत किया है। छात्र संगठन का कहना है कि इन विषयों पर शीघ्र व प्रभावी निर्णय देश में खेल संस्कृति को नई गति देंगे तथा खिलाड़ियों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेंगे।
–आईएएनएस
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